Bareilly : कन्हैया गुलाटी समेत परिवार पर 18वीं एफआईआर दर्ज

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। युवाओं को शेयर मार्केट और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश करके करोड़पति बनाने का सपना दिखाने वाला कैनविज ग्रुप असल में सुनियोजित तरीके से ठगी करने वाली कंपनी निकली। कंपनी के मालिक कन्हैया गुलाटी और उसके गिरोह के खिलाफ एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश पर बारादरी थाने में 800 करोड़ रुपये की महाठगी के मामले में एक और रिपोर्ट दर्ज की गई है। बरेली में कंपनी के संचालकों के खिलाफ यह 18वीं एफआईआर दर्ज हुई है।

शाहजहांपुर निवासी विरेंद्र प्रताप ने बताया कि कंपनी ने घर-घर एजेंट भेजकर खासतौर पर युवाओं को निशाना बनाया। किसी ने 25 हजार, तो किसी ने 25 लाख रुपये तक झोंक दिए। सिर्फ नगर पंचायत बंडा (शाहजहांपुर) से ही करीब 5 करोड़ रुपये कैनविज में फंस गए। 

पीड़ित ने आरोप लगाया कि कन्हैया गुलाटी, उसकी पत्नी, मां, बेटे और साले ने कंपनी बनाकर लोगों को सामूहिक रूप से ठगा। शुरुआत में कुछ महीनों तक भुगतान कर भरोसे की नींव रखी गई, लेकिन मई 2025 से अचानक भुगतान बंद कर दिया गया। मूलधन लौटाने के नाम पर दिए गए चेक बैंक पहुंचते ही बाउंस होने लगे। कहीं खाते बंद, तो कहीं बैलेंस शून्य है। अब न कंपनी का दफ्तर है, न कोई जिम्मेदार। कन्हैया गुलाटी और उसका पूरा गिरोह फरार है।

एसएसपी अनुराग आर्य ने वीडियो बयान जारी कर कार्रवाई तेज करने का दावा किया है। उन्होंने बताया कि मामले की गुणवत्तापरक जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर दिया गया है। एसपी यातायात अकमल खान को एसआईटी प्रभारी और एएसपी शिवम आशुतोष को सहयोगी बनाया गया है। 

एसएसपी के मुताबिक कन्हैया गुलाटी, उसके परिवार और साथियों पर झारखंड, बिहार समेत कई राज्यों में मामले दर्ज हैं। हाल ही में बारादरी समेत कई थानों में 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है ताकि आरोपी देश छोड़कर न भाग सके। एसआईटी ने विवेचनाओं की समीक्षा शुरू कर दी है और फोकस सीधे गिरफ्तारी पर है।

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