Rampur: कड़ाके की सर्दी में राहे रजा पर 3 मकानों पर गरजी जेसीबी
रामपुर, अमृत विचार। मंगलवार को कड़ाके की ठंड में राहे रजा स्थित तीन मकानों पर मंगलवार की पूर्वाह्न 11 बजे आवास एवं विकास परिषद की दो जेसीबी गरजी। दोपहर तक तीनों मकानों को ध्वस्त कर दिया। लोगों का रोते-रोते बुरा हाल है। रोते-बिलखते लोगों ने सामान समेटकर फुटपाथ पर रख दिया। आवास विकास ने 500 वर्ग मीटर जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया है।
इस दौरान मकान में रहने वालों और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई लेकिन, पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। इस दौरान भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा।
राहे रजा पर सुबह करीब 10:30 बजे मुरादाबाद आवास के अधिकारी कलेक्ट्रेट के सामने सड़क के किनारे बने मकानों के पास पहुंच गए। इसके बाद दो जेसीबी और भारी मात्रा में पुलिस बल मौक मौके पर पहुंच गया। इसके बाद सड़क के किनारे बने मकानों पर जेसीबी चलना शुरू हो गई।
लोगों ने जल्दी-जल्दी अपना-अपना सामान मकानों से निकाला और फुटपाथ पर रख दिया। महिलाएं और बच्चे जारो-कतार रोने लगे और मकानों कागजात दिखाने लगीं। लेकिन अधिकारियों ने एक नहीं सुनी और जेसीबी गरजती रही। रोती हुई हुलासो पत्नी भीमसेन ने बताया कि इनमें एक मकान उसका है जबकि, एक रामअवतार का है और एक मकान मुकेश कुमार का है। दो मकान कच्चे पक्के मकानों के पीछे बने हुए थे।
इन मकानों में विक्की कुमार, मुकेश, मदन, ऊषा पत्नी सुंदर लाल, हरि ओम सैनी, राम अवतार, शोभाराम, बाबू लाल के परिवार सड़क पर आ गए हैं। राम अवतार ने बताया कि आवास विकास द्वारा कुछ दिन पहले जगह खाली करने के लिए नोटिस दिया गया था। यह मामला हाईकोर्ट में चल रहा था इसलिए लोगों ने मकान खाली नहीं किए थे। आवास विकास ने लोगों से वादा किया था कि 60-60 वर्ग मीटर के प्लॉट दिए जाएंगे और मुआवजा देंगे लेकिन, आवास विकास ने कुछ नहीं किया और लोगों के आशियानों को उजाड़ दिया।
आवास विकास परिषद मुरादाबाद एक्सईएन रत्नेश कुशवाहा ने बताया कि आवास विकास परिषद ने जमीनें लेने के बाद इन लोगों को मुआवजा दे दिया था। इस मामले को हाईकोर्ट ने डिस्पोजल कर दिया है जिसके चलते आवास विकास परिषद ने करीब 500 वर्ग मीटर जमीन को कब्जा मुक्त करा लिया है।
