नेपाल से साइकिल तक पहुंचे माघ मेला: पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे राम बाहुबली, अबतक एक लाख किमी की कर चुके यात्रा
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में प्रयागराज की संगम की रेती पर आयोजित हो रहे धार्मिक माघ मेले में जहां एक ओर आस्था की धारा बह रही है, वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले भी पहुंच रहें है। माघ मेले के सेक्टर-5 में नेपाल से साइकिल चलाकर पहुंचे राम बाहुबली दास महाराज श्रद्धालुओं को प्रकृति से जुड़ने और पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं। लोग उन्हें 'एनवायरनमेंट मैन' के नाम से भी जानते हैं।
राम बाहुबली दास महाराज बीते कई वर्षों से साइकिल यात्रा के जरिए लोगों को पौधरोपण और उनकी बच्चों की तरह देखभाल करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब तक वे करीब एक लाख किलोमीटर से अधिक की साइकिल यात्रा कर देश के कई राज्यों में लाखों पौधे बांट चुके हैं। इससे पहले महाकुंभ 2025 में भी उन्होंने श्रद्धालुओं को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया था।
माघ मेले में साधु-संतों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच राम बाहुबली दास महाराज अपनी अनोखी पहल के चलते अलग नजर आ रहे हैं। वे श्रद्धालुओं को न सिर्फ पौधे दे रहे हैं, बल्कि उनसे संकल्प भी दिला रहे हैं कि वे एक पौधा लेकर उसके बदले 11 पेड़ जरूर लगाएंगे। इस दौरान वे सिंदूर, कपूर, तेजपत्ता समेत औषधीय गुणों वाले पौधे भी वितरित कर रहे हैं।
राम बाहुबली दास महाराज की यह साइकिल यात्रा अरुणाचल प्रदेश स्थित परशुराम कुंड के महेंद्रांचल पर्वत से शुरू होकर नेपाल के लुंबिनी होते हुए प्रयागराज के माघ मेले तक पहुंची है। उनकी यात्रा का मूल संदेश है, 'प्रकृति से परमात्मा की ओर'। वे बताते हैं कि आज नदियों और प्रकृति के प्रति लोगों की संवेदनशीलता कम हो रही है, जिसे जन-जागरूकता के जरिए बढ़ाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया कि वे अपने गुरु स्वर्गीय स्वामी ज्ञान स्वरूप सदानंद की स्मृति में यह मुहिम चला रहे हैं, जिनका 2018 में गंगा की अविरलता के लिए अनशन करते हुए देहांत हो गया था। उनका कहना है कि ये पौधे उनके शिष्य हैं और गंगा को स्वच्छ व प्रकृति को सुरक्षित रखना ही उनका उद्देश्य है।
