बांके बिहारी मंदिर में NSG ने की मॉकड्रिल: पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया, दहशत में लोग
मथुरा। मथुरा के वृंदावन में स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में सुरक्षा तैयारियों को परखने के अभ्यास के तहत एनएसजी कमांडो ने मॉक ड्रिल की। बुधवार आधी रात को आधुनिक हथियारों से लैस सैकड़ो सुरक्षाकर्मी और एनएसजी कमांडो ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया।
सायरन की आवाज और कमांडो की हलचल से स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गयी, हालांकि बाद में पता चला कि यह किसी वास्तविक आतंक की हमले की सूचना नहीं बल्कि आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एक मॉकड्रिल थी।
मॉकड्रिल की शुरुआत बुधवार रात करीब 11:30 बजे से हुई, सुरक्षा के लिहाज से सबसे पहले मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों पर मौजूद आम लोगों को हटाया गया और पूरे इलाके की बिजली काट दी गई। अंधेरे के बीच करीब डेढ़ सौ से अधिक एनएसजी कमांडोज ने मंदिर परिसर आसपास की गलियों और घरों की छतों पर अपनी पोजीशन ले ली।
बांके बिहारी मंदिर में ड्रिल के दौरान एक काल्पनिक आतंकी हमले का दृश्य तैयार किया, इसमें दिखाया गया कि भीड़ के बीच हुए हमले में चार लोगों को गोली लगी है, सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घायलों को गेट नंबर 1 से स्ट्रेचर के जरिए बाहर निकाला और सकरी गलियों में तेजी से आवाजाही के लिए ई कार्ट का सहारा लिया।
एक गंभीर घायल का प्राथमिक उपचार मंदिर परिसर के भीतर ही शुरू किया गया जबकि अन्य घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजने का अभ्यास किया। कमांडोज ने बांके बिहारी मंदिर के चप्पे चप्पे का मुआयाना किया और प्रवेश व निकास द्वारा की सुरक्षा व्यवस्था को परखा।
यह पूरी कवायत सुबह करीब 4:30 बजे तक चली.इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक -चौबंद रखने के लिए एनएसजी के साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन दमकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मुस्तेद रहीं। बांके बिहारी मंदिर में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। मंदिर की संकरी गलियों और भारी भीड़ को देखते हुए, एजेंसियां समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल करती रहती हैं,ताकि किसी भी संभावित आतंकी खतरे या अनहोनी के समय न्यूनतम समय में प्रभावी कार्यवाही की जा सके।
