बाराबंकी : आलू की बंपर पैदावार से किसानों के सामने संकट, आधे दाम पर बेचने को मजबूर

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Published By Anjali Singh
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दीपराज सिंह/बाराबंकी, अमृत विचार। जिले में इस वर्ष आलू की बंपर पैदावार किसानों के लिए राहत के बजाय चिंता का कारण बन गई है। करीब 8.50 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद बाजार में मांग कम होने और कोल्ड स्टोरेज की सीमित क्षमता के चलते आलू के दाम लगातार गिर रहे हैं। जिले में कुल 77 कोल्ड स्टोरेज संचालित हैं, जिनमें लगभग 7.50 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारित किया जा सकता है। इनमें कोल्ड स्टोरेज की आधे से ज्यादा क्षमता पहले ही पूरी हो चुकी है, जिससे कई किसानों को भंडारण के लिए जगह मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। 

बता दें कि पिछले वर्ष आलू लगभग 1400 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा था, जबकि इस साल दाम घटकर करीब 600 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। आलू व्यापारियों का कहना है कि इस बार सभी क्षेत्रों में पैदावार अच्छी हुई है, लेकिन पिछले साल भारी नुकसान के कारण इस बार खरीद में ज्यादा जोखिम नहीं ले रहे हैं। 

देवा और फतेहपुर क्षेत्र जिले के प्रमुख पोटैटो बेल्ट माने जाते हैं, जहां बड़ी संख्या में किसान आलू की खेती करते हैं। किसानों की उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बाजार में मांग बढ़ने से दामों में सुधार होगा, लेकिन फिलहाल स्थिति उनके लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। उद्यान निरीक्षक सौरभ कुमार सिंह ने बताया कि अभी लगभग 60 फीसदी क्षमता कोल्ड स्टोरेज में भरी है। आलू भंडारण में किसानों को कोई समस्या नहीं आएगी। उत्पादन के मुकाबले पर्याप्त जगह उपलब्ध है।

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