शादियों में घटे पकवान, भंडारा स्थगित, भोग-प्रसाद पर संकट, रामनगरी तक पहुंची ईरान जंग की आग 

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Published By Anjali Singh
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पुनीत श्रीवास्तव/ अयोध्या, अमृत विचार। कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत ने शहर की सामाजिक, धार्मिक और व्यावसायिक जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। शादियों के सीजन में यह समस्या सबसे ज्यादा सतह पर आई है। सिलेंडर न मिलने से कैटरर्स और परिवारों को मजबूरन मेन्यू छोटा करना पड़ रहा है। होटल-रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी काले बादल मंडरा रहे हैं। राम मंदिर के निकट अमावा मंदिर में चलने वाली प्रसिद्ध राम रसोई को मंगलवार को आपात स्थिति में स्थगित कर दिया गया।

मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि युद्ध के कारण रसोई गैस की भारी कमी है, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन वितरण प्रभावित हुआ है। इसी तरह हनुमानगढ़ी में भोग-प्रसाद तैयार करने में भी दिक्कत आ रही है। मंदिरों में दैनिक भोग के लिए इस्तेमाल होने वाली गैस की आपूर्ति बाधित होने से प्रसाद की मात्रा और गुणवत्ता दोनों प्रभावित हो रही है। गुरुद्वारा नजरबाग के ज्ञानी रीशू बताते हैं कि उनके यहां भी रोजाना 250 से 300 लोग लंगर छकते हैं। गैस किल्लत ने संकट में डाल ही दिया है। हालांकि ईश्वर सब सही करेंगे।

वहीं घरेलू स्तर पर आम लोग भी परेशान हैं। सिलेंडर बुक कराने में मारामारी मची हुई है। पहले जहां 2-3 दिनों में रिफिल मिल जाता था, अब एक सप्ताह या उससे ज्यादा इंतजार करना पड़ रहा है। कई एजेंसियों पर लंबी कतारें लगी हैं और कुछ जगह बुकिंग रद्द करके लोग लौटाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचा तो शादियों, भंडारों और धार्मिक आयोजनों के अलावा स्थानीय व्यापार को भी बड़ा नुकसान होगा। प्रशासन से मांग है कि तत्काल आपातकालीन आपूर्ति बढ़ाई जाए और वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं।

अब पांच से छह सिलेंडर में ही चला रहे काम

सिलेंडर की किल्लत का बड़ा असर पड़ रहा है। शादियों में आइटम की संख्या लोग कम कर रहे हैं। लोग यहां शादियों में बड़ा मेन्यू रखते हैं। काफी खर्चा करते हैं। इसी कारण शादियों में 12 से 14 सिलेंडर लग जाते हैं, लेकिन दिक्कत बढ़ जाने के कारण 5 से 6 सिलेंडर में ही काम चलाया जा रहा है।-सुरेश यादव, कैटरर्स, अयोध्या

2019 से अनवरत चल रहा था भंडारा

अमावा मंदिर में एक दिसंबर 2019 से अनवरत भंडारा चल रहा है। 10 से 15 हजार लोग राम रसोई में तीनों समय प्रसाद ग्रहण करते हैं। वर्तमान में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण गैस की किल्लत हो रही है। इसलिए मंगलवार दोपहर दो बजे से हम लोग खाना बंद कर रहे हैं। यहां एजेंसी वाले गैस नहीं दे रहे हैं। ऐसे में हम लोग अब कुछ नहीं कर सकते। युद्ध लंबा चला तो लोगों को कुछ नया विकल्प तलाश करना पड़ेगा।-पंकज कुमार, प्रबंधक, अमावा मंदिर ट्रस्ट।

कारखाना दो दिन से बंद, तैयार लड्डू बेच रहे

कॉमर्शियल सिलेंडर आना बंद हैं। कारखाना दो दिन से बंद है। हमारे पास जो लड्डू तैयार है। उसे ही बेच रहे हैं। अगर दो-तीन दिन ऐसा ही रहा तो दुकानें बंद करनी पड़ जाएंगी। अयोध्या हनुमानगढ़ी गढ़ी के पास 100 से 150 दुकानें हैं। हर दुकानदार 30 से 40 किलो लड्डू रोज बनाता है। एक सिलेंडर रोज चाहिए। सिलेंडर की परेशानी के कारण भोग-प्रसाद पर भी संकट गहरा रहा है।-नंद लाल गुप्ता, प्रसाद विक्रेता, अयोध्या धाम।

होटल के लिए मंगाई कोयले की भट्टी

सिलेंडर की पांच से छह दिन और किल्लत और रही तो अयोध्या के 200 होटल-रेस्टोरेंट बंदी के कगार पर पहुंच जाएंगे। मेरा खुद का होटल है। अतिथि को दाल-रोटी तो खिलाना ही है। इसके लिए नया इंडक्शन और कोयले की भट्टी मंगाई है। यह एक विकल्प जरूर है, लेकिन समाधान नहीं है। सरकार की ओर से कोई प्रॉपर जवाब नहीं मिल रहा है। एजेंसी वाले कहते हैं कि आएगी तभी दे पाएंगे।-अरुण अग्रवाल, महानगर महामंत्री, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल।

सुबह लाइन में लगे, शाम को जाना पड़ा खाली हाथ

अयोध्या, अमृत विचार: रसोई गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के चलते उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भीड़ जमा हो रही है। सिलेंडर न मिल पाने से तमाम उपभोक्ता परेशान हैं और गैस एजेंसी में पर लाइन लगाए सुबह से खड़े रहते हैं। शिवकुमारी इंडियन सर्विस अबनपुर सरोहा पर मंगलवार को सुबह से गैस सिलेंडर के लिए खड़े सियाराम, जनक दुलारी, तारावती, कृष्णा देवी ने बताया कि बुकिंग नंबर कॉल किया जाता है, लेकिन ओटीपी नहीं आ रही है, जिसके चलते बुकिंग नहीं हो पा रही है। यहीं मौजूद द्वारिका प्रसाद, हरदेव, ओम प्रकाश ने बताया कि गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। सुबह आते हैं और शाम को खाली हाथ वापस चले जाते हैं। घर पर गैस न होने के चलते भोजन बनाने की दिक्कत खड़ी हो गई है।

घरेलू सिलेंडर की कमी नहीं, अफवाह पर न दें ध्यान : डीएसओ

जिला आपूर्ति अधिकारी बृजेश मिश्रा ने बताया कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की बिल्कुल भी कमी नहीं है। कॉमर्शियल सिलेंडर की किल्लत की खबरें चल रही है। इसी कारण कुछ दबाव बढ़ा है। हालांकि अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ही 14,670 घरेलू सिलेंडर जिले में पहुंचे थे, जिसमें से 11 हजार सिलेंडर की ही खपत हुई है। कालाबाजारी करने वालों पर निगाह रखने के लिए टीम गठित की गई है। बुक कराने वालों को सबसे पहले सिलेंडर दिया जा रहा है। बिना बुक कराए सिलेंडर किसी सूरत में नहीं दिया जाएगा। 25 दिन में ही दूसरा सिलेंडर मिलने प्रावधान है। तेल की बिल्कुल भी कमी नहीं है।

52 के करीब जिले में गैस एजेंसी-52

इंडेन की एजेंसी-28
एचपी की एजेंसी-14
बीपी की एजेंसी-10

कॉमर्शियल सिलेंडर की मासिक खपत-10 हजार
घरेलू सिलेंडर की महीने में खपत-3.31 लाख
जिले में रोज घरेलू सिलेंडर की खपत-11 हजार

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