आस्था का दिव्य नजाराः आसमान से दिख रही राम मंदिर की अद्भुद्ध तस्वीर, बोले डॉ. अनिल- नागर शैली से कम समय भव्य बनकर तैयार हुआ मंदिर
अयोध्या, अमृत विचार: राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद आसमान से ली गई एक अद्भुद्ध व भव्य तस्वीर सामने आई है। जिसे देखकर भक्त आस्था में अभिभूत हो रहे है। सोशल मीडिया पर शेयर भी कर रहे है।
ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने कहा कि यह भक्तों का भाव है। मंदिर विशाल और उच्च क्वालिटी का बना है। नागर शैली की अद्भुद्ध कलाकृति से कम समय भव्य बनकर तैयार हुआ है। परिसर में सुंदर कलाकृतियां एक दिन में कोई नहीं देख सकता है। कई बार आने के बाद पूरा दृश्य लोग देख सकेंगे। वहीं गोरखपुर से आए राजेश अग्रवाल ने कहा कि बहुत ही सुंदर मंदिर बना हैं। परिवार के साथ दर्शन किया है। श्रद्धालु ममता श्रीवास्तव ने कहा कि जिस मंदिर का इंतजार हमारे पूर्वज करते रहे है। वो आज बनकर तैयार है। योगी व मोदी के नेतृत्व में बहुत बड़ा कार्य हुआ है। मंदिर बहुत ही सुंदर है। जिसकी तस्वीर भी की सुंदरता को दर्शाता है। आसमान से यह नजारा किसी सुंदर राज महल से काम नहीं है।
संपूर्ण मंदिर में दर्शन के लिए लगेंगे तीन घंटे
राम जन्मभूमि परिसर के संपूर्ण निर्माण का कार्य संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं को राम मंदिर के साथ अन्य मंदिरों व स्थानों तक जाने की अनुमति देने पर मंथन शुरू हो गया है। राम मंदिर ट्रस्ट श्रद्धालुओं को परकोटे कॉरिडोर और सप्त ऋषियों के दर्शन कराए जाने को लेकर परीक्षण कर रहा है। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के मुताबिक मंदिर परिसर के संपूर्ण दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को तीन से चार घंटे लगेंगे। इसके लिए परिसर की सुरक्षा और सुविधाओं को नए सिरे से तैयार किया गया। और जल्द ही श्रद्धालुओं को सभी स्थानों का दर्शन प्राप्त होंगे। उन्होंने बताया कि परिसर में राम मंदिर और आठ एकड़ के 800 की परिधि में कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। जिसमे छह पंचायतन मंदिर भगवान गणेश, हनुमान जी, भगवान सूर्य, मां भगवती, माता अन्नपूर्णा देवी और भगवान शंकर का हैं। इसके अलावा शेषावतार मंदिर, सप्त ऋषियों में महर्षि बाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वशिष्ठ, अहिल्या देवी, शबरी और निषादराज का मंदिर बना हुआ है। और मंदिर दक्षिण दिशा में 10 के भूमि पर पंचवटी वन का भी निर्माण किया गया है।
