पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर हुए हिंसक विरोध: चाकुलिया में BDO कार्यालय में तोड़फोड़-आगजनी, 20 लाख का नुकसान, पुलिस पर पथराव

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Published By Muskan Dixit
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बंगालः पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision - SIR) के खिलाफ विरोध अब हिंसक प्रदर्शन में बदल गया है। गुरुवार को उत्तर दिनाजपुर जिले के चाकुलिया इलाके में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय पर हमला बोल दिया। भीड़ ने पहले कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की, फिर आग लगा दी। इस घटना में सरकारी संपत्ति को लगभग 20 लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है।

तोड़फोड़ और आगजनी का विस्तार

प्रदर्शनकारियों ने BDO कार्यालय के अंदर कंप्यूटर, फाइलें, फर्नीचर और अन्य सामान को तोड़-फोड़ कर तबाह कर दिया। महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए गए और कार्यालय के कई हिस्सों में आग लगा दी गई। इसके बाद बाहर निकाले गए सामान को भी जलाया गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां कार्यालय तक नहीं पहुंच सकीं क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने रास्ते में टायर जलाकर अवरोध पैदा कर दिया।

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पुलिस पर हमला, SI घायल

मौके पर पहुंची पुलिस को नियंत्रण में लाने की कोशिश में प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया। इस दौरान चाकुलिया थाना प्रभारी (स्टेशन इंचार्ज) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

पुलिस कार्रवाई शुरू, 10 लोग हिरासत में

घटना के बाद चाकुलिया पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया है। जांच जारी है और बाकी शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।

चुनाव आयोग का बयान

पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी देते हुए लिखा कि BDO गोलपोखर-2 एवं AERO गोलपोखर ने चाकुलिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि उपद्रवियों ने BDO कार्यालय में तोड़फोड़ की, सरकारी संपत्ति को 20 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया और अधिकारी घायल हुए। पुलिस ने FIR दर्ज कर 10 लोगों को हिरासत में लिया है। मुख्य सचिव और डीजीपी ने SIR सुनवाई स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था का आश्वासन दिया है।

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प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप

प्रदर्शन करने वालों का कहना है कि SIR प्रक्रिया के तहत उन्हें बार-बार नोटिस भेजकर और सुनवाई के लिए बुलाकर परेशान किया जा रहा है। वे इस प्रक्रिया को अनावश्यक और उत्पीड़नकारी बता रहे हैं।

सुकांत मजूमदार का गंभीर आरोप

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि SIR के खिलाफ हिंसा मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि टीएमसी विधायक जानबूझकर लोगों को भड़का रहे हैं ताकि राज्य में मतदाता सूची के संशोधन का काम रोका जा सके और जनसांख्यिकी में बदलाव लाया जा सके।

यह घटना SIR प्रक्रिया को लेकर राज्य में बढ़ते तनाव का संकेत दे रही है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जबकि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।

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