UP Police: पुलिस हेडक्वार्टर ने तबादलों पर जारी किए निर्देश, बिना अनुमति मुख्यालय पहुंचने पर रोक

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब रोकने और प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्थानांतरण के संबंध में कुछ पुलिसकर्मी बिना अनुमति मुख्यालय में उपस्थित हो रहे हैं, जबकि कई प्रकरणों में अद्यतन सेवा विवरण संलग्न न होने के कारण निर्णय लेने में देरी हो रही है।

मुख्यालय ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों, जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्तों, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षकों तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि तबादला संबंधी प्रस्ताव भेजते समय पूर्ण सेवा विवरण अनिवार्य रूप से संलग्न किया जाए। इसके अभाव में स्थानांतरण पर निर्णय लेने में विलंब को लेकर मुख्यालय ने नाराजगी भी जताई है। 

मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2019 के बाद भर्ती हुए उपनिरीक्षक और आरक्षियों को सामान्य मामलों में मुख्यालय में उपस्थिति की अनुमति न दी जाए। इसके साथ ही ऐसे कर्मियों के सामान्य प्रकरणों को मुख्यालय को संदर्भित करने से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2019 के बाद भर्ती ऐसे उपनिरीक्षक/आरक्षी जिनमें पति-पत्नी दोनों यूपी पुलिस में कार्यरत हों, उनके स्थानांतरण संबंधी मामलों पर सहानुभूति के आधार पर विचार किया जा सकता है। 

हालांकि, कपल केस के प्रकरणों में दोनों कर्मियों के पुलिस परिचय पत्र की पठनीय छायाप्रति अनिवार्य रूप से लगाई जाएगी। मुख्यालय ने शासनादेश एवं विभागीय स्थानांतरण नीति का हवाला देते हुए दोहराया कि निरीक्षक/उपनिरीक्षक को उनके गृह परिक्षेत्र, गृह जनपद अथवा सीमावर्ती जनपद में नियुक्त नहीं किया जाएगा। 

इसी प्रकार मुख्य आरक्षी व आरक्षी को भी गृह जनपद या सीमावर्ती जनपद में तैनाती नहीं दी जाएगी। मुख्यालय ने निर्देश दिया कि यदि कोई पुलिसकर्मी यूपी-112, यातायात व्यवस्था, महाकुंभ सुरक्षा, माननीयों की सुरक्षा या न्यायालय सुरक्षा में तैनात है तो उसका स्पष्ट उल्लेख सेवा विवरण में किया जाए। वहीं प्रशासनिक/जनहित में हुए स्थानांतरण में आदेश संख्या एवं दिनांक भी जोड़ा जाए। 

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