लखनऊ में जाली FD मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा में धरने पर बैठे पीड़ित, 43 पीड़ित दर्ज करा चुके हैं रिपोर्ट

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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अमृत विचार: मोहान रोड पर शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय परिसर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में करोड़ों की जाली एफडी फर्जीवाड़े में पीड़ित ग्राहकों ने बुधवार को भी वहां पहुंचकर हंगामा किया। इसके बाद धरने पर बैठ गए। पीड़ित नरौना निवासी अंशू ने रोते हुए बताया कि 25 फरवरी 2024 को उनके पति विनोद की सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे के बाद मुआवजे के तौर पर तीन लाख रुपये बैंक खाते में आए थे। वह रुपये भी जालसाज बैंक मित्र ने कर्मचारियों की मदद से निकाल लिए। हंगामे के कारण बुधवार को भी बैंक का कामकाज ठप रहा।

बवाल की सूचना पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने लोगों को समझाकर शांत कराने का प्रयास किया तो विवाद शुरु हो गया। आलमनगर की सोनी गुप्ता ने बताया कि दो साल पहले 2 लाख और 26 सितंबर 2025 को 50 हजार की एफडी कराई थी। बुधवार को पहुंची तो एफडी देखकर बैंक कर्मियों ने बताया कि यह फर्जी हैं। इसी तरह मोतीझील कालोनी निवासी इरशाद अली की एक-एक लाख की दो एफडी भी जाली बतायी गयी। इसी तरह अन्य पीड़ितों को भी उनकी जाली एफडी बतायी गयी।

पीड़ितों ने बताया कि जालसाज बैंक मित्र शिवा ने बैंक अफसरों की मिली भगत से उनकी जीवन भर की बचत की पूंजी हड़प ली। इंस्पेक्टर पारा सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि अबतक 43 पीड़ित बैंक मित्र शिवा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा चुके हैं। बैंक मित्र और उसके साथी दिलीप को जेल भेजा जा चुका है। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अभी और पीड़ित हैं। उनसे भी लिखित में प्रार्थनापत्र मांगा गया है।

खाताधारकों का आक्रोश, बैंक का शटर बंद कर किया प्रदर्शन

थाना क्षेत्र में कस्बा पुलिस चौकी के पास भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहक सेवा केंद्र संचालक द्वारा की गई करीब दो करोड़ की ठगी से नाराज ग्राहकों ने बुधवार को बैंक शाखा पहुंचकर शटर बंद हंगामा प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंक मैनेजर समेत कई अन्य कर्मचारी शाखा के अंदर मौजूद थे। पीड़ितों ने ठगी में बैंक कर्मियों की संलिप्तता का भी आरोप लगा रहे थे। प्रदर्शन की खबर पर पहुंची पुलिस ने ग्राहकों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। करीब 40 मिनट बाद बैंक शाखा का शटर पुलिस ने खोला।

40 मिनट चला हंगामा, पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर कराया शांत

पीड़ित लक्ष्मी, मोनी, राधा, सलमा खातून, गोमती प्रसाद, जया, शालू गौतम, सुनीता, राजरानी, मुन्नवर जहां, राकेश, राम मिलन समेत सैकड़ों पीड़ित एसबीआई बैंक शाखा पहुंचे। ग्राहकों ने बैंक का शटर बंद कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप लगाया कि बिना बैंक कर्मियों की मिलीभगत के इतनी बड़ी ठगी नहीं हो सकती है। 

इस मामले में ग्राहक सेवा केंद्र के संचालक के खिलाफ पुलिस 10 जनवरी को ही रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है। पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा कर शांत कराया। इंस्पेक्टर सतीश राठौर ने बताया कि ग्राहकों को कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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