Jharkhand Encounter : झारखंड के सारंडा में एक करोड़ का इनामी पतिराम समेत 15 नक्सली ढेर, सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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चाईबासा। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगलों में गुरुवार सुबह छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के पास सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 करोड़ रुपये के इनामी शीर्ष माओवादी कमांडर अनल दा उर्फ पतिराम मांझी समेत 15 नक्सली ढेर हो गए।

पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की, तो नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों को निर्णायक सफलता मिली। मुठभेड़ रुक-रुक कर जारी है, और सर्च ऑपरेशन चल रहा। कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि की, लेकिन मारे गए नक्सलियों की संख्या व पहचान पर आधिकारिक बयान ऑपरेशन समाप्त होने के बाद ही देने की बात कही।

उन्होंने विषम इलाके में सतर्कता बरतने की बात कही। पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट है, अतिरिक्त बल तैनात। यह कार्रवाई भाकपा (माओवादी) के अनल दस्ते के खिलाफ थी, जो बड़ी साजिश रच रहा था। मुठभेड़ स्थल से हथियार, गोला-बारूद बरामद। सुरक्षाबलों को कोई नुकसान नहीं हुआ है।

झारखंड पुलिस के आईजी अभियान माइकल राज ने बताया कि सुबह से ही सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है और नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है। मुठभेड़ स्थल से कई नक्सलियों के शव, अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षा को देखते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरे ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।

गौरतलब है कि हाल ही में सीआरपीएफ के डीजी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने चाईबासा में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी, जिसमें नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिले थे कि सुरक्षा बल एक बड़े और निर्णायक ऑपरेशन की तैयारी में हैं। इसी रणनीति के तहत झारखंड और ओडिशा से बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती सारंडा क्षेत्र में की गई थी।

सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। हाल के महीनों में चाईबासा, कोल्हान और पोड़ाहाट क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। जून 2025 में टोंटो और गोइलकेरा इलाके में हुई मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए थे। वर्ष 2026 में नक्सलियों के साथ यह पहली बड़ी मुठभेड़ मानी जा रही है, जिसे सुरक्षा बलों की एक अहम उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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