मुख्यमंत्री योगी का बड़ा बयान, कहा- सनातन धर्म को भीतर से खोखला कर रहे 'कालनेमि', सर्तक रहने की जरूरत
लखनऊ/सोनीपत। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक योगी, संत और संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं होता। उन्होंने कहा कि संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती, उसका धर्म ही उसकी संपत्ति और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है।
सोनीपत में आयोजित मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह एवं आठ महंतों के भव्य भंडारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सनातन धर्म की आड़ में उसे कमजोर करने की साजिशें रचने वाले कालनेमि तत्व समाज के लिए खतरा हैं।
ऐसे लोगों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि धर्म के विरुद्ध आचरण करने वाले तत्व न केवल सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि राष्ट्र की एकता और सांस्कृतिक विरासत पर भी आघात करते हैं।
उन्होंने संत परंपरा को राष्ट्र और धर्म की रक्षा का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि सनातन संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए सभी को एकजुट होकर कार्य करना होगा। गौरतलब है कि प्रयागराज माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या महास्नान पर्व के मौके पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के संगम स्नान से वंचित रहने का मामला गरमा गया है।
