Stock market closed: पश्चिम एशिया संकट के बीच लाल हुए बाजार, प्रमुख शेयर सूचकांक में गिरावट

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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मुंबई। पश्चिम एशिया में युद्ध की विभीषिका गहराने और फारस की खाड़ी में तेल टैंकरों पर हमले की बढ़ती घटनाओं से ईंधन बाजार पर दूरगामी असर की आशंकाओं के बीच स्थानीय शेयर बाजारों में जारी गिरावट का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा और प्रमुख शेयर सूचकांक लगभग एक प्रतिशत नीचे बंद हुए।

आज के कारोबार में बैंकिंग , वित्तीय सेवा और वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का जोर था। बीएसई30 में बिजली क्षेत्र की एनटीपीसी और पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज , सन फार्मा , टेक महिंद्रा और एचसीएल को छोड़ कर 24 शेयर गिरावट घाटे में बंद हुए।बाजार कल भी गिरावट में था।

मुंबई बाजार में सबसे ज्यादा खरीदे-बेचे जाने वाले 30 शेयरों पर आधारित बीएसई 30 सेंसेक्स कल की तुलना में 829.29 अंक (1.08 प्रतिशत) गिर कर 76,034.42 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 प्रमुख शेयरों पर आधारित निफ्टी50 भी 227.70 अंक (0.95 प्रतिशत) गिर कर 23,628 . 65 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1,342.27 अंक लुढ़ककर 76,863.71 अंक और निफ्टी-50 सूचकांक 394.75 अंक टूटकर 23,866.85 अंक पर बंद हुआ था। 

बीएसई30 आज 76,369.65 पर खुला और कारोबार के दौरान इसका अधिकतम स्तर 76,681.71 तथा निम्नतम स्तर 75,871.18 रहा। इसी तरह 23,674.85 पर खुल कर ऊपर में 23,833.15 और नीचे में 23,556.30 तक गया था। भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है।

ईरान की लड़ाई के बाद फारस की खाड़ी में हार्मूज जल-डमरूमध्य मार्ग से गुजरने वाले समुद्री नौवहन मांग में टैंकर पोत परिवहन प्रभावित हुआ है। फारस की खाड़ी में पिछले कुछ दिन से कई पोतों पर सैन्य हमलों के कारण चिंता बढ़ गयी है। इस मार्ग से विश्व में करीब 20 प्रतिशत ईंधन की ढुलाई होती है। इसके प्रभावित होने के कारण वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतें उछाल पर हैं। इसका असर करोबार पर पड़ने लगा है। 

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