बाराबंकी में धूमधाम से मनाई गई बसंत पंचमी, श्रद्धा और उत्साह के साथ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना

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Published By Anjali Singh
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बाराबंकी, अमृत विचार। जनपद में बसंत पंचमी का पर्व विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक एवं अधिवक्ता संगठनों द्वारा मनाया गया। इस अवसर पर मां सरस्वती की पूजा-अर्चना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं वैचारिक संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। बहराइच रोड स्थित बाबा गुरुकुल एकेडमी परिसर में आयोजित बसंत उत्सव का शुभारंभ विद्यालय के प्रशासक मनदीप सिंह एवं प्रबंधक हरपाल सिंह ने अपनी पत्नी चरनजीत कौर के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं विधिवत पूजन-अर्चन कर किया। 

कार्यक्रम में नवप्रवेशी नन्हे विद्यार्थियों का विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। छात्र-छात्राओं ने संगीत शिक्षक उत्कर्ष के निर्देशन में मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य आर. पी. सिंह सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने शिक्षा के साथ संस्कारों के महत्व पर बल दिया। वहीं बसंत पंचमी के अवसर पर श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय (एसआरएमयू) में देवी सरस्वती की भव्य पूजा-अर्चना एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। 

कुलपति कर्नल (डॉ.) विजय तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बसंत पंचमी ज्ञान, सृजनात्मकता और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. हेमेन्द्र शर्मा, छात्र कल्याण प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. डॉ. बी.एम. दीक्षित, पुस्तकालयाध्यक्ष एवं संयोजक डॉ. आर.डी. यादव तथा मीडिया प्रभारी प्रो. (डॉ.) रज़ाउर रहमान उपस्थित रहे। सरस्वती वंदना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को जीवंत बना दिया। 

इसके अतिरिक्त जिला बार एसोसिएशन सभागार में लोक भारती के तत्वावधान में अधिवक्ताओं द्वारा बसंत पंचमी समारोह हर्षोल्लास से मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता दुर्गेश प्रताप मिहिर ने की तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला कार्यवाह सुधीर जी मुख्य वक्ता रहे। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए संघ द्वारा निर्धारित पांच परिवर्तनों की जानकारी दी। कार्यक्रम में अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता एवं संघ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी बसंत पंचमी पर धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। रामसनेहीघाट स्थित जेबीएस संस्थान मालिनपुर में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं हवन-यज्ञ का आयोजन हुआ। इस अवसर पर गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का आध्यात्मिक जन्मदिवस भी श्रद्धापूर्वक मनाया गया। वहीं गायत्री शक्तिपीठ रामसनेहीघाट पर 24 घंटे का अखंड गायत्री महामंत्र जप एवं पंचकुंडीय महायज्ञ संपन्न हुआ। 

सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में भी बसंत पंचमी पर विद्यालयों एवं घरों में मां सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर मिष्ठान वितरण किया गया। चौधरी चरण सिंह महाविद्यालय, सीतादेवी महाविद्यालय, राजकीय इंटर कॉलेज सिरौलीगौसपुर एवं जनता इंटर कॉलेज बदोसरांय में शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने विद्या की देवी से ज्ञान का आशीर्वाद मांगा। 

वहीं रामनगर क्षेत्र के गणेशपुर में बसंत पंचमी के अवसर पर भव्य कलश शोभायात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा एवं ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं द्वारा निकाली गई कलश यात्रा आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने सरयू नदी से पवित्र जल भरकर आयोजन स्थल पर कलश स्थापित किए। कथा व्यास पंडित अश्वनी त्रिपाठी महाराज के सान्निध्य में प्रतिदिन कथा श्रवण का क्रम जारी रहेगा।

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