लखनऊ : फर्जीवाड़े में आईडीएफसी बैंक का पूर्व मैनेजर गिरफ्तार चार साल से था फरार
लखनऊ, अमृत विचार: जाली दस्तावेज बनाकर कारोबारी के नाम से लोन कराने वाले आईडीएफसी बैंक के पूर्व मैनेजर को हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 25 हजार रुपये का इनामी आरोपी करीब चार साल से फरार चल रहा था। पुलिस फर्जीवाड़े में पूर्व में दो आरोपियों को जेल भेज चुकी है।
इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह ने बताया कि मूल रूप से बीकेटी निवासी आरोपी विवेक मिश्रा जानकीपुरम के सरैया टोला स्थित मड़ियांव गांव का रहने वाला है। 18 अगस्त 2022 को आईआईएम रोड निवासी अंकुर सिंह ने हजरतगंज कोतवाली में शाहनजफ रोड स्थित आईडीएफसी बैंक के अज्ञात मैनेजर व कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी थी। आरोप था कि खाते से कई बार में 35 हजार निकलने का मैसेज आया। छानबीन की तो पता चला कि आईडीएफसी बैंक द्वारा रुपये निकाले गए हैं।
सितंबर 2021 में शिकायत की तो बताया गया कि आपके नाम पर चार लोन चल रहे हैं। किश्ते भी जमा नहीं है। आरोपियों ने उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर जाली दस्तावेज लगाकर करीब तीन लाख का लोन कराकर ठगी की थी। उपनिरीक्षक मधुकर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की।
पुलिस ने पूर्व में फिदा मिर्जा व विकास कुरील को जेल भेजा। जांच में आरोपी विवेक मिश्रा का नाम सामने आया। लगातार फरार रहने के चलते उसपर इनाम घोषित किया गया था। सर्विलांस की मदद से उपनिरीक्षक मधुकर सिंह और इरफान की टीम ने आरोपी को दुबग्गा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ विकासनगर में भी एक मामला दर्ज है।
