Bareilly: भूमि का दो साल से चिह्नांकन नहीं, बरातघर का निर्माण लटका
बरेली, अमृत विचार। भोजीपुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बिल्वा में बरातघर की मंजूरी मिले दो साल हो गए, लेकिन निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। बिल्वा की भूमि प्रबंधन समिति ने दो साल पहले भूमि चिह्नित की थी, लेकिन भूमि का चिन्हांकन नहीं हुआ। इस वजह से कार्यदायी संस्था निर्माण कार्य शुरू नहीं कर सकी है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने एसडीएम सदर प्रमोद कुमार को पत्र लिखते हुए तीन दिन के अंदर भूमि का चिन्हांकन करते पंचायत को भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने एसडीएम सदर को पत्र लिखते हुए कहा है कि परफारमेंस ग्रांट के तहत ग्राम पंचायत बिलवा स्वीकृत बरातघर बनाए जाने के लिए भूमि चिन्हित की गयी थी। ग्राम पंचायत बिलवा की भूमि प्रबंधन समिति ने 2 जनवरी 2024 को गाटा संख्या 379 क, रकवा 0.6020 हेक्टेयर भूमि ग्राम आसपुर पीतमराय में चयनित की और क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा तैयार किये नजरी नक्शा सहित जिला पंचायत राज अधिकारी को भूमि पर बरातघर निर्माण के लिए प्रस्ताव उपलब्ध कराया था। पंचायती राज निदेशालय समय-समय पर निर्देश जारी कर बरातघर निर्माण के लिए तकनीकी, वित्तीय तथा प्रशासनिक स्वीकृतियां प्रदान कर चुका है। बरातघर निर्माण के लिए निदेशालय स्तर से कार्यदायी संस्था के रूप में एजेंसी का चयन भी हो चुका है। स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष प्रथम किस्त के रूप में 161.34 लाख रुपये की धनराशि पंचायती राज के निदेशक की ओर से ग्राम पंचायत बिल्वा के ग्राम निधि खाते में भेजी जा चुकी है।
बरातघर निर्माण के लिए चयनित एजेंसी ने चिन्हित भूमि पर निर्माण के लिए 31 दिसंबर 2025 को लेआउट के लिए संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल, सचिव व प्रधान, ग्राम पंचायत कंसल्टिंग इंजीनियर्स के साथ कार्य प्रारंभ किया, लेकिन ग्रामवासियों ने प्रस्तावित भूमि पर लेआउट पास नहीं होने दिया। क्षेत्रीय लेखपाल की आख्या पर 31 दिसंबर 2025 को राजस्व टीम गठित की गयी, लेकिन अभी तक भूमि का चिन्हांकन कर ग्राम पंचायत को उपलब्ध नहीं करायी गयी। इस कारण बरातघर का निर्माण अभी तक प्रारंभ नहीं हुआ है, जबकि कार्य की समीक्षा निदेशालय स्तर से निरंतर की जा रही है। कार्य शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। डीएम ने एसडीएम सदर को निर्देश दिए हैं कि बरातघर निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन कराकर तीन दिन में भूमि ग्राम पंचायत को उपलब्ध कराएं और कार्रवाई से अवगत भी करायें।
