UP: बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के बाद पीलीभीत में यूजीसी के विरोध में भाजपा के बूथ अध्यक्ष का पद से इस्तीफा
पीलीभीत, अमृत विचार। यूजीसी के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद ही पीलीभीत में भी विरोध उजागर हो गया। पीलीभीत के बिलसंडा क्षेत्र से भाजपा के बूथ अध्यक्ष कृष्ण कुमार तिवारी ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका पद से दिया इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल भी हो चुका है। इसके अलावा विरोध के लिए 28 जनवरी को नकटादाना चौराहा पर सवर्ण समाज को एकजुट करने की अपीलें भी की जा रही हैं। वहीं जनप्रतिनिधियों को लेकर भी सवाल उठाते हुए पोस्ट की जा रही हैं।
बता दें कि जनपद में यूजीसी (यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन) के विरोध को लेकर बीते दिनों सवर्ण समाज की ओर से एकजुट होने की तैयारी शुरू कर दी गई थी। गणतंत्र दिवस के दिन बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफा देने का मामला उजागर हो गया। जिसके कुछ ही देर बाद पीलीभीत में भी यूजीसी के विरोध को लेकर चल रही तैयारियां सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गई। पीलीभीत में बिलसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम चपरौआ कुइयां के भाजपा के बूथ अध्यक्ष कृष्ण कुमार तिवारी का पद से इस्तीफा देने का मामला सामने आ गया।
उनका इस्तीफा सोशल साइट्स पर वायरल हो रहा है। ये इस्तीफा एक दिन पहले 25 जनवरी का है। जिसमें लिखा है कि वह भाजपा में बूथ अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। पार्टी द्वारा वर्तमान में यूजीसी एवं एससीएसटी जैसे काले कानूनों के समर्थन एवं लागू किए जाने की नीति से वह पूरी तरह से असहमत हैं। ये कानून समाज में विभाजन पैदा करते हैं। उनके वैचारिक, साामजिक एवं नैतिक सिद्धांतों के खिलाफ हैं। ऐसे निर्णय के साथ जुड़े रहना उनके वैचारिक सामाजिक एवं नैतिक सिद्धांतों के विरुद्ध है। इस निर्णय के साथ जुड़े रहना उनके आत्म सम्मान और विचार धारा के खिलाफ है। इसी को लेकर साफ कहा कि इस निर्णय का वह समर्थन नहीं करते हैं। इसी के चलते अपने बूथ अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से स्वेच्छा से इस्तीफा दे रहे हैं।
28 को विरोध के लिए जुटने की अपील
पीलीभीत में सवर्ण समाज की ओर से विरोध की तैयारियां भी चल रही है। यूजीसी के विरोध में सवर्ण समाज को एकजुट होकर आगे आने के लिए अपील की जा रही है। 28 जनवरी को टनकपुर हाईवे पर नकटादाना चौराहा पर जुटने का आवाहान विभिन्न लोगों की ओर से किया जा रहा है। बताते हैं कि इसके लिए देा-तीन दिन से एक दूसरे से संपर्क भी साधा जा रहा है। अब पोस्टें सोशल मीडिया पर भी की जा रही है।
