बोगस फर्मों से करोड़ों की GST चोरी करने वाले तीन गिरफ्तार, STF ने अंतरराज्यी गिरोह का किया खुलासा, पूछताछ में उगले कई राज
फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल से राजस्व को पहुंचा रहे थे भारी नुकसान
लखनऊ, अमृत विचार: एसटीएफ ने बोगस फर्मों से करोड़ों की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया। इस गिरोह के तीन आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने यूपी समेत कई राज्यों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करते थे।
एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में सहारनपुर के बेहट रोड स्थित न्यू भगवती कॉलोनी निवासी विशाल गर्ग, आजाद कालोनी का बशारत और कुतुबशेर स्थित चांद कालोनी का फरमान शामिल है। एसटीएफ ने अभियुक्तों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, दो लैपटॉप चार्जर सहित, दो आधार कार्ड, विभिन्न बैंकों की 17 चेकबुक, 11 पासबुक, नौ एटीएम कार्ड और 5200 रुपये नकद बरामद किए हैं।
ऐसे करते थे जीएसटी की चोरी
पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में पंजीकृत कराते थे। इन फर्मों के नाम से बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के फर्जी सेल्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड किए जाते थे। इसके जरिए वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराया जाता था, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचता था। वास्तविक फर्म धारक अपने जीएसटी नंबर और लेन-देन का विवरण व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते थे। अभियुक्त उनके लिए बोगस फर्मों के नाम से इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर देते थे। बैंक खातों के जरिए लेन-देन दिखाकर सर्कुलर ट्रेडिंग की जाती थी, जबकि वास्तविक भुगतान नकद या अन्य बोगस फर्मों के माध्यम से समायोजित किया जाता था।
कई राज्यों तक फैला नेटवर्क
अभियुक्तों के मोबाइल में 30 से अधिक ई-मेल आईडी मिली हैं, जिनका इस्तेमाल फर्म पंजीकरण, जीएसटी रिटर्न फाइलिंग और बैंक ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता था। जांच में उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत अन्य राज्यों में भी बोगस फर्मों के पंजीकरण की पुष्टि हुई है। आरोपियों के खिलाफ सहारनपुर के सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज है। सभी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है।
