जननी सुरक्षा योजना का भुगतान अब और उलझा: नई गाइडलाइन से बदली प्रक्रिया, प्रसूताओं को मिलने वाली राशि में बढ़ी देरी

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसूताओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की भुगतान प्रक्रिया अब और जटिल कर दी गई है। पहले जहां अस्पताल सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में राशि भेज देते थे, वहीं अब नई गाइडलाइन के तहत कई चरणों की मॉनीटरिंग के बाद भुगतान किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया में अब दस दिन से अधिक का समय लग रहा है, जिसके बाद ही प्रसूताओं के खाते में राशि पहुंच पा रही है।

जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्र में प्रसव कराने पर एक हजार रुपये व ग्रामीण क्षेत्र में 1400 रुपये का भुगतान किया जाता है। नियमानुसार यह राशि प्रसव के 24 घंटे के भीतर मिल जानी चाहिए, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते बीते पांच से छह माह तक भुगतान पूरी तरह से अटका रहा।

क्वीनमेरी अस्पताल में वर्ष 2023 में कुल 2,104 प्रसव हुए, लेकिन इनमें से एक भी प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना की राशि का भुगतान केजीएमयू की ओर से नहीं किया गया। यही स्थिति शहर के अन्य महिला अस्पतालों की भी रही। लगभग पांच माह तक किसी भी अस्पताल से प्रसूताओं को भुगतान नहीं किया गया।

अब नई व्यवस्था के तहत दोबारा भुगतान की प्रक्रिया शुरू की गई है। वर्तमान में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) पहले अस्पतालों को राशि देगा। इसके बाद अस्पताल यह राशि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को भेजेंगे। सीएमओ स्तर से राशि कोषागार में जमा होगी, जिसके बाद अंततः लाभार्थी प्रसूता के बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। इस बहु-स्तरीय प्रक्रिया के कारण प्रसूताओं को अब राशि मिलने में और अधिक देरी की आशंका है।

डफरिन अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. ज्योति मेहरोत्रा के अनुसार भुगतान प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अस्पताल से राशि सीएमओ को भेजी जा रही है, जहां से कोषागार के माध्यम से संबंधित लाभार्थियों के खातों में भुगतान किया जा रहा है। वहीं, झलकारीबाई अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजेंद्र ने बताया कि अस्पताल से राशि सीएमओ को भेजे जाने के बाद कई चरणों की मॉनीटरिंग के पश्चात प्रसूताओं के बैंक खातों में भुगतान पहुंचना शुरू हो गया है।

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