Bareilly: कक्षा एक में प्रवेश से पहले बच्चों को मिलेगी प्री प्राइमरी शिक्षा
बरेली, अमृत विचार। कक्षा एक में प्रवेश से पहले आंगनबाड़ी केंद्रों में पांच से छह साल तक के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाएगा। उन्हें स्कूली वातावरण के अनुकूल तैयार किया जाएगा, ताकि वे स्कूल में सहज महसूस करें और सीख सकें। स्कूल रेडीनेस फेज एक के तहत बच्चों को औपचारिक शिक्षा दी जाएगी। इसको लेकर एजुकेटर, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण देकर पारंगत किया जा चुका है। विभागीय अफसरों के अनुसार बच्चे कक्षा एक में प्रवेश से पहले प्री प्राइमरी की पढ़ाई करेंगे।
स्कूल रेडीनेस फेज कक्षा एक में नए बच्चों को स्कूल के माहौल और औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करने का एक प्रारंभिक चरण है, जिसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास (भाषा, गणित, संज्ञानात्मक और शारीरिक) पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा। यह अभियान प्रवेश कार्यक्रम का एक हिस्सा है और इसे निपुण भारत मिशन के तहत लागू किया जा रहा है। यह एक प्रारंभिक और छोटी अवधि तीन माह तक की शिक्षा है।
जिले में 2857 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका और करीब 182 एजुकेटर शिक्षा प्रदान करेंगे। विभाग की ओर से एजुकेटरों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शिक्षण कार्य के लिए एक मॉड्यूल बुक प्रदान की गई है। जिसमें बच्चों को पढ़ाने से संबंधित सभी जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। प्री प्राइमरी नोडल एसआरजी डॉ. लक्ष्मी शुक्ला ने बताया कि प्रशिक्षण और मॉड्यूल वितरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। आंगनबाड़ी केन्द्रों व बाल वाटिकाओं में आने वाले पांच से छह वर्ष के बच्चों को प्री-प्राइमरी शिक्षा दी जाएगी। स्कूल रेडीनस का उद्देश्य कक्षा एक में नव प्रवेशित बच्चों को पूर्व प्राथमिक से संबंधित भाषा, आरंभिक अंकीय दक्षता एवं पर्यावरण से संबंधित प्री-कान्सेप्ट से अवगत कराते हुए औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार करना है।
