स्वयं सहायता समूह बनेंगे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़, योजना भवन में समीक्षा बैठक कर बोले डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य
लखनऊ, अमृत विचार : उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेंगे और इनके माध्यम से प्रदेश को विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में तीन करोड़ ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाए तथा एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए।
उपमुख्यमंत्री ने बुधवार को योजना भवन में सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रेरणा कैंटीन का विस्तार किया जाएगा और ब्लॉक परिसरों में दीदियों को व्यापार के लिए स्टॉल उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने “एक जनपद–एक व्यंजन” योजना शुरू करने के निर्देश दिए, जिसके तहत प्रत्येक जिले में समूहों द्वारा संचालित दुकान या कैंटीन खोली जाएगी।
उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण विभाग की पीएम एफएमई योजना के तहत विकास खंडों में इकाइयां स्थापित की जाएं, जिनमें सब्सिडी और सौर ऊर्जा का लाभ मिलेगा। बैठक में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों के सीडीओ और ब्लॉक मिशन मैनेजरों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
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