'हेलमेट दिखाने के लिए नहीं, जीवन रक्षा के लिए'... सड़क सुरक्षा माह के तहत लखनऊ में जागरूकता कार्यक्रम
लखनऊ, अमृत विचार। उप्र. परिवहन विभाग की परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि हेलमेट स्टाइल या लुक्स के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए पहना जाना चाहिए। बताया कि विदेशों में सड़क दुर्घटनाएं कम होने का कारण वहां का सख्त अनुशासन है, जिसे भारत में भी अपनाने की जरूरत है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने अभिभावकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें, क्योंकि बच्चे जो ठान लें, उसे अभिभावक नजरअंदाज नहीं कर पाते।
यह बातें उप्र.परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत लखनऊ स्थित वाहन परीक्षण केंद्र में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत करने के बाद परिवहन आयुक्त बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सड़क सुरक्षा कार्यक्रम केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन और पारिवारिक जिम्मेदारी है। सड़क सुरक्षा हर घर का मुद्दा है।
किंजल सिंह ने कहा कि माता-पिता को बच्चों की जिद के आगे झुकने के बजाय उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। बिना हेलमेट या लाइसेंस वाहन चलाने से रोकना अभिभावकों की जिम्मेदारी है। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है। लखनऊ के आरटीओ संजय तिवारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
कार्यक्रम में स्काउट-गाइड, एनसीसी कैडेट्स, संभव सेवा समिति और माउंट लिटेरा जी स्कूल के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से शराब पीकर वाहन चलाने और हेलमेट न पहनने के दुष्परिणामों को जीवंत रूप से प्रस्तुत किया। इससे पहले परिवहन आयुक्त ने सड़क सुरक्षा पर आधारित पेंटिंग और स्लोगन प्रदर्शनी का उद्घाटन किया, जिसमें बच्चों की रचनात्मकता देखने को मिली।
समापन सत्र में स्काउट-गाइड और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को यातायात नियमों के पालन और प्रचार-प्रसार की शपथ दिलाई गई। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्कूलों और संस्थाओं को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम में परिवहन विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
