यूपी में बिना प्रशिक्षण मार्ग पर नहीं जाएंगे चालक, दुर्घटनाओं में 50 फीसद कमी का लक्ष्य
लखनऊ। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक (एमडी) प्रभु एन सिंह ने कहा है कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब बिना प्रशिक्षण किसी भी चालक को बस संचालन के लिए मार्ग पर नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत तक कमी लाने का लक्ष्य तय किया गया है। परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक हुई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में प्रभु एन सिंह ने सभी 20 क्षेत्रों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालकों की नियमित काउंसलिंग कराई जाए, यातायात नियमों के प्रति उन्हें जागरूक किया जाए तथा ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि चालक एवं परिचालकों की ड्यूटी केवल सॉफ्टवेयर के माध्यम से लगाई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। किसी भी शिकायत की स्थिति में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एमडी ने बताया कि जनवरी 2025 में निगम की बसों से 23 घातक दुर्घटनाएं हुई थीं, जबकि जनवरी 2026 में यह संख्या घटकर 8 रह गई है। वहीं घायलों की संख्या भी 55 से घटकर 27 हो गई है, जो सड़क सुरक्षा प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने अधिकारियों को संचालन प्रतिफलों में सुधार लाने और आय लक्ष्य शत-प्रतिशत प्राप्त करने के निर्देश दिए।
कमजोर प्रदर्शन वाले डिपो में क्षेत्रीय प्रबंधकों को स्वयं निरीक्षण कर सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया। प्रभु एन सिंह ने निर्माणाधीन बस स्टेशनों की समीक्षा करते हुए बताया कि हमीरपुर डिपो कार्यशाला के लिए 345 लाख रुपये की पहली किस्त जारी की गई है। वहीं सिद्धार्थनगर (बासी), संभल (चंदौसी) और रायबरेली (सलोन) बस स्टेशनों के पुनर्निर्माण व निर्माण के लिए लगभग 150-152 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त की गई है।
