EU FTA से मिली संजीवनी: छोटे निर्यातकों के लिए खुले नए अवसर, 27 देश में छोटे निर्यातकों को उत्पादों के ऑर्डर

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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कानपुर, अमृत विचार। यूरोपीय संघ के साथ एफटीए के बाद छोटे निर्यातकों को बड़ी सहूलियत मानी जा रही है। निर्यात विशेषज्ञ इस एफटीए को अमेरिका टैरिफ के बाद छोटे निर्यातकों के लिए संजीवनी मान रहे हैं। उनका कहना है कि यूरोपीय संघ में 27 देश शामिल हैं। ऐसे में वहां के खरीदार अध्रिक संख्या में उत्पादों का ऑर्डर देने में सक्षम है।

अमेरका की ओर से हाल ही में टैरिफ लागू होने के बाद सबसे अधिक मार छोटे निर्यातकों को पड़ी है। ऐसे में यह निर्यातक अपने कारोबार को बनाए रखने के लिए नए बाजार की ओर रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि नए निर्यातकों को बाजार तलाशना आसान नहीं होता।

इसकी वजह इनकी कम पूंजी और खरीदारों का कम भरोसा सहित अन्य वजह शामिल हैं। उधर हर नए देश के नए नियम और वहां की मांग और पसंद को जानने के लिए भी नए निर्यातकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इस तरह से नए निर्यातकों के लिए यह एफटीए काफी मुफीद माना जा रहा है। 

इसकी वजह इस संघ में 27 देशों का एक साथ होना है। ऐसे में इन देशों में उत्पादों का एक ऑर्डर लंबे समय तक बना रह सकता है। इसक अलावा इन देशों में मांग के सापेक्ष ऑर्डर की प्रति उत्पाद की संख्या भी अधिक मांग की जाती है। पूरे मामले पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑग्रनाईजेशन के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल एफटीए’ माना जा रहा है। 

इसकी वजह ही है कि सभी देशों के साथ हुए अब तक के एफटीए से अलग इस एफटीए से सबसे अधिक लाभ निर्यातकों को मिल सकता है। जहां तक नए निर्यातकों की बात है तो इस समझौते के बाद से उनमें काफी उत्साह देखा जा रहा है। इसकी वजह यूरोपीय यूनियन में बेहतर मार्केट, एक जैसे नियम और उत्पादों की अधिक खपत है। जिससे उन्हें बेहतर ऑर्डर भविष्य में मिलने की उम्मींद जग गई है। 

नए निर्यातक उभरेंगे

इस समझौते के होने के बाद अब माना जा रहा है कि शहर के निर्यात कारोबार में नए उद्यमी लंबे समय तक आने में विचार करेंगे। अब स्थिति उलट गई है। नई बेहतर और बड़ी मार्केट मिलने के बाद अमेरिका की ओर अपने उत्पादों को भेजने की योजना बना रहे निर्यातक टैरिफ लगने के बाद रुक गए थे। इस समझौते के बाद वे दोबारा निर्यात बाजार में कदम रखने का मन बना रहे हैं। उम्मींद है कि नए वित्तीय वर्ष में कई नए निर्यातक शहर से उभर सकते हैं।

129 नए निर्यातक शहर में निर्यात कारोबार से जुड़े
45 सौ करोड़ का निर्यात कारोबार यूरोप से जुड़ा
20 फीसदी नए निर्यातकों को ग्रोथ की उम्मीद 
22 सौ शहर से कुल निर्यातक कारोबार से जुड़े

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