विधानभवन के सामने आत्मदाह का प्रयास: भतीजे संग पहुंची महिला को पुलिसकर्मियों ने पकड़ा, जमीन हड़पने का है मामला
लखनऊ, अमृत विचार : विधानभवन गेट नंबर-9 के पास बुधवार दोपहर भतीजे के साथ पहुंची काकोरी के कठिंगरा गांव निवासी नीतू ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। इससे पहले कि वह माचिस की तीली जलाती, हजरतगंज पुलिस और आत्मदाह निरोधी दस्ते में तैनात पुलिसकर्मियों ने नीतू और उसके भतीजे को पकड़ लिया।
पूछताछ में नीतू ने गांव के दो लोगों पर भाई को बरगला कर जमीन हड़पने और काकोरी थाने में दर्ज मामले में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। सूचना पर इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चंद्र राठौर महिला पुलिसकर्मियों के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर दोनों को साथ ले गए।
कठिंगरा गांव की रहने वाली नीतू दोपहर में भतीजे लालता प्रसाद के साथ विधानभवन गेट नंबर-9 के पास पहुंची थी। वहां उसने बोतल निकालकर खुद पर पेट्रोल उड़ेलना शुरू कर दिया। ड्यूटी पर तैनात आत्मदाह निरोधी दस्ते की टीम की नजर दोनों पर पड़ गई और पुलिसकर्मियों ने तुरंत उन्हें पकड़ लिया। सूचना पर इंस्पेक्टर हजरतगंज विक्रम सिंह मौके पर पहुंचे और काकोरी पुलिस को जानकारी दी गई। इसके बाद दोनों को हजरतगंज कोतवाली ले जाया गया।
कुछ देर बाद इंस्पेक्टर काकोरी सतीश चंद्र राठौर भी कोतवाली पहुंचे। पूछताछ में पीड़िता नीतू ने बताया कि उसके भाई अजय के नाम कठिंगरा गांव में आठ बिसवा जमीन है। आरोप है कि गांव के नीरज कुमार वर्मा और नरेंद्र यादव ने साजिश के तहत भाई को शराब पिलाई और उससे कम कीमत पर जमीन का एग्रीमेंट करा लिया। एग्रीमेंट के बाद आरोपी जमीन पर मालिकाना हक जताने लगे, जिसके बाद दोनों के खिलाफ काकोरी थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी गई।
पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जबकि आरोपी लगातार धमकियां दे रहे हैं। इंस्पेक्टर काकोरी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच की जा रही है। कार्रवाई का आश्वासन देकर पुलिस नीतू और उसके भतीजे लालता प्रसाद को अपने साथ काकोरी लेकर चली गई।
ढाई लाख में किया 30 लाख की जमीन का एग्रीमेंट
नीतू ने बताया कि आठ बिसवा जमीन की वर्तमान कीमत करीब 30 लाख रुपये है। आरोप है कि साजिश के तहत नीरज और नरेंद्र ने भाई को बरगला कर 30 लाख रुपये की जमीन का एग्रीमेंट महज ढाई लाख रुपये में करा लिया। इसके बाद से पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।
