लखनऊ एयरपोर्ट ने हासिल किया नया मुकाम, विंग्स इंडिया अवॉर्ड्स 2026 में जीता बेस्ट एयरपोर्ट का खिताब

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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5-10 मिलियन पैसेंजर्स कैटेगरी में टॉप पर CCSIA

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CCSIA) ने एक बार फिर देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है। हैदराबाद में हाल ही में आयोजित विंग्स इंडिया अवॉर्ड्स 2026 में इस एयरपोर्ट को 5 से 10 मिलियन पैसेंजर्स प्रति वर्ष (MPPA) कैटेगरी में देश का सर्वश्रेष्ठ हवाई अड्डा चुना गया है। यह अवॉर्ड सिविल एविएशन मिनिस्ट्री, एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) और FICCI के सहयोग से दिए जाते हैं, जो भारतीय विमानन क्षेत्र में उत्कृष्टता का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।

क्या है खास इस जीत में?

विंग्स इंडिया 2026 के दौरान दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट 'बेस्ट एयरोड्रम ऑफ द ईयर' बना, जबकि बेंगलुरु (25+ MPPA), पुणे (10-25 MPPA) और लखनऊ (5-10 MPPA) ने अपनी-अपनी श्रेणियों में टॉप किया। लखनऊ एयरपोर्ट की इस सफलता के पीछे पिछले कुछ वर्षों में की गई मेहनत साफ नजर आती है:

- नया टर्मिनल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: नए टर्मिनल के संचालन से भीड़-भाड़ में कमी आई, चेक-इन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग प्रक्रिया तेज और सुगम हो गई।

- डिजिटल और पैसेंजर-फ्रेंडली सुविधाएं: 'डिजी यात्रा' जैसी पेपरलेस सर्विसेज से लंबी कतारें खत्म हुईं, यात्रियों का अनुभव बेहतर हुआ।

- बढ़ती कनेक्टिविटी: घरेलू के साथ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में विस्तार से पैसेंजर ट्रैफिक में भारी उछाल आया।

- साफ-सफाई, सुरक्षा और कम्फर्ट: पैसेंजर फीडबैक पर फोकस कर साफ-सफाई, तेज सिक्योरिटी चेक और वेटिंग एरिया की सुविधाओं में सुधार किया गया।

लखनऊ एयरपोर्ट का सफर

एयरपोर्ट अथॉरिटी और लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (Adani Group के नेतृत्व में PPP मॉडल) की टीम ने यात्री अनुभव, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और सर्विस एक्सीलेंस पर लगातार काम किया। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह अवॉर्ड सिर्फ एक सम्मान नहीं, बल्कि उत्तर भारत में लखनऊ को प्रमुख एविएशन हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। आने वाले समय में यहां और विस्तार से यह क्षेत्रीय स्तर पर और मजबूत होगा।

हैदराबाद के बेगमपेट एयरपोर्ट पर हुए इस भव्य समारोह में जब लखनऊ का नाम पुकारा गया, तो पूरे यूपी में गर्व की लहर दौड़ गई। यह उपलब्धि न सिर्फ लखनऊवासियों, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।

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