यूपी पर्यटन की नई ऊंचाई: ग्रामीण पर्यटन को मिली नई पहचान, 15 किसानों-उद्यमियों को किया गया सम्मानित

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
On

लखनऊ, अमृत विचार : राष्ट्रीय पर्यटन दिवस-2026 के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा राजधानी स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर भव्य आयोजन किया गया। तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के दूसरे दिन आयोजित इस कार्यक्रम की थीम “ग्रामीण एवं समुदाय-केंद्रित पर्यटन” रही। कार्यक्रम की शुरुआत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने की।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन को केवल भ्रमण तक सीमित न रखकर धार्मिक, इको, एग्री-रूरल और ग्रामीण पर्यटन के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का माध्यम बना रही है। वर्ष 2017 के बाद कानून-व्यवस्था में सुधार, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में शामिल हो चुका है।

कार्यक्रम में ग्रामीण पर्यटन, फार्म-स्टे और एग्री-टूरिज्म से जुड़े अग्रदूतों तथा 15 उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया। साथ ही युवा टूरिज्म क्लब की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कार प्रदान किए गए। ग्रामीण होम-स्टे, फार्म-स्टे और टूरिज्म विलेज श्रेणियों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को स्वर्ण, रजत और कांस्य पुरस्कार दिए गए। पर्यटन मंत्री ने सभी विजेताओं को सम्मानित किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात, प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष आकर्षण प्रदान किया।

सम्मानित हुए 15 किसान

उप्र. पर्यटन विभाग द्वारा 15 किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें सीतापुर के किसान उमेश कुमार को नवीन कॉन्ट्रैक्ट खेती के रूप में केला, आलू, शिमला मिर्च एवं गेहूं आदि का मॉडल विकसित कर लोगों हेतु रोजगार सृजन करने को, बरेली के किसान महेश कुमार गुप्ता को संरक्षित खेती एवं एग्री-स्टार्टअप के लिए, डॉ. संजय पाठक (सेवानिवृत्त प्रोफेसर),एनडीयूएटी अयोध्या को आंवला एवं सब्जियों की विभिन्न प्रजातियों का विकास तथा औद्योगिक क्षेत्र में कार्य के लिए तथा रंजीत (मत्स्य कृषक) को मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सम्मानित किया गया।

 

संबंधित समाचार