Union Budget 2026-27: महिला स्वयं सहायता समूह उद्यमियों के लिए स्थापित किए जाएंगे 'शी मार्ट'

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि 'लखपति दीदी योजना' की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, स्वयं सहायता समूहों की महिला उद्यमियों के लिए सामुदायिक स्वामित्व वाली खुदरा दुकानें स्थापित की जाएंगी। लोकसभा में केंद्रीय बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने इसे स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के सदस्यों के लिए ''उद्यमों के मालिक'' बनने की दिशा में ''अगला कदम'' बताया। 

सीतारमण ने कहा, '' लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, मैं महिलाओं को ऋण-आधारित आजीविका से उद्यमों की मालिक बनने की दिशा में अगला कदम उठाने में मदद करने का प्रस्ताव करती हूं।'' उन्होंने कहा, '' स्वयं सहायता उद्यमी - शी मार्ट को उन्नत एवं नवोन्मेषी वित्त साधनों के माध्यम से संकुल-स्तरीय संघों के भीतर सामुदायिक स्वामित्व वाली खुदरा दुकान के रूप में स्थापित किया जाएगा।'' 

लखपति दीदी, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की वह महिला सदस्य होती है जिसकी वार्षिक घरेलू आय कम से कम एक लाख रुपये हो। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, अब तक दो करोड़ से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और लक्ष्य 2027 तक तीन करोड़ महिला एसएचजी सदस्यों की वार्षिक आय को एक लाख रुपये तक पहुंचाना है। 

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