कैशलेस चिकित्सा सुविधा का एक ओर शिक्षकों ने किया स्वागत... संगठनों ने प्रदेश सरकार का जताया आभार, तो LUACTA हुआ नाराज

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Published By Muskan Dixit
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लुआक्टा ने कहा कि उच्च शिक्षा के कर्मचारियों की हुई अनदेखी

लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश सरकार की ओर से कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा का शिक्षकों व शिक्षेणत्तर कर्मचारियों ने स्वागत किया है। बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा 3 हजार वार्षिक प्रीमियम की दर से व्यय भार अनुमानित है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने कहा कि सरकार द्वारा चिकित्सा सुविधा लाभ दिए जाने के निर्णय का स्वागत करते है परंतु इस संबंध में विभाग द्वारा जारी होने वाले निर्देश पर ध्यानाकर्षण होगा।

एआरपी एसोसिएशन प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रताप शाही ने इसे जनहितकारी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उप्र प्राथमिक संवर्ग के शिवशंकर सिंह ने इस निर्णय का स्वागत किया है। महासंघ के प्रदेश मीडिया प्रभारी ब्रजेश श्रीवास्तव ने समस्त शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और उनके परिवार की ओर से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

लुआक्टा ने जताया असंतोष

लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के संगठन लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पाण्डेय व महामंत्री डॉ. अंशू केडिया ने कहा कि कैबिनेट के फैसले से लगता है कि उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों व कर्मचारियों को उक्त लाभ से वंचित रखा गया है। मुख्यमंत्री द्वारा उच्च शिक्षा के शिक्षकों व कर्मचारियों को उक्त लाभ देने की घोषणा की गयी थी। सरकार द्वारा घोषणा को लागू न किया जाना घोर चिंता का विषय है और उच्च शिक्षा के शिक्षकों के साथ अन्याय है।

शिक्षामित्रों ने किया फैसले का स्वागत

शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जोड़ने पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने आभार व्यक्त किया है। प्रदेश संगठन मंत्री कौशल कुमार सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य सुरक्षा मिलने से प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्र परिवारों को बीमारी में महंगे इलाज की चिंता से राहत मिलेगी। अब शिक्षामित्र भी सरकारी पैनल के अस्पतालों में 5 लाख तक का मुफ्त इलाज पा सकेंगे।

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