Bareilly: विस्फोट प्रकरण...एनजीटी के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जाएगा जिला प्रशासन

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Published By Monis Khan
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राकेश शर्मा, बरेली। सिरौली के ग्राम कल्याणपुर स्थित घर में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में के मामले में मृतक और घायलों को मुआवजा देने के राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के आदेश के विरुद्ध जिला प्रशासन सुप्रीम कोर्ट जाएगा। मुख्य सचिव के निर्देश पर प्रशासन ने एनजीटी के आदेश के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने की तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने के लिए एडीएम सिटी को नामित किया है। एडीएम सिटी सौरभ दुबे ही वर्तमान में विस्फोटक एवं आयुध अधिनियम का कामकाज बतौर प्रभारी अधिकारी देख रहे हैं।

दरअसल, राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण ने एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित विस्फोट की खबर के मामले का स्वत: संज्ञान लेकर वाद दर्ज किया और जिला प्रशासन को नोटिस भेजकर प्रकरण की जानकारी मांगी थी। इस प्रकरण में एनजीटी ने 18 फरवरी 2025 को आदेश सुनाते हुए कहा कि राज्य पीड़ितों को मुआवजा देने की जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। पीड़ितों को तत्काल राहत की आवश्यकता है। आदेश में न्यायाधिकरण ने यह माना था कि मृतक पीड़ितों में से प्रत्येक के लिए मुआवजे की राशि 20 लाख रुपये होनी चाहिए। 

50 प्रतिशत से अधिक जलने वाले व्यक्तियों के लिए 15 लाख रुपये, 25 से 50 प्रतिशत तक जलने वाले व्यक्तियों के लिए 10 लाख रुपये और 5 से 25 प्रतिशत तक चोट लगने वाले व्यक्तियों के लिए 5 लाख रुपये और मामूली जलन या साधारण चोटों के घायलों को 2 लाख का भुगतान करने की बात कही थी। प्राधिकरण के आदेश के अनुपालन में यह माना था कि मृतक रुखसाना के परिजन 20 लाख का मुआवजा पाने के हकदार हैं। मृतक और घायल व्यक्तियों के परिजनों की पहचान के लिए राज्य विधि सेवा प्राधिकरण की सहायता ली जा सकती है। घायल रहमान शाह और छोटी बेगम भी जलने की चोटों के अनुसार मुआवजे की हकदार हैं।

एडीएम फाइनेंस ने एडीएम सिटी को प्रकरण की मूल पत्रावली भेजी
- राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा विभिन्न जनपदों में अवैध पटाखा गोदाम में हुए विस्फोट के दृष्टिगत विभिन्न वादों में जारी निर्देशों के अनुपालन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 22 सितंबर 2025 को बैठक हुई थी। इसमें मुख्य सचिव ने प्रकरणों में एनजीटी के आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी के आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने की कार्यवाही के लिए जिलाधिकारी ने 19 जनवरी को एडीएम सिटी को नामित किया। एडीएम फाइनेंस संतोष कुमार सिंह ने एडीएम सिटी को पत्र भेजकर कहा है कि प्रकरण की मूल पत्रावली आपको इस आशय से भेजी गयी है कि प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय में स्पेशल लीव पेटिशन दाखिल करने की कार्रवाई कराएं।
अवैध रूप से पटाखे बनाने के दौरान हुआ था विस्फोट, मरे थे छह लोग

- थाना सिरौली के ग्राम कल्याणपुर में 2 अक्टूबर 2024 की दोपहर पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। इसमें रहमान शाह व उनकी पत्नी छोटी बेगम घायल हुए थे। उनके परिवार के छह सदस्यों में तबस्सुम, निखत उर्फ नीना, शहजान, हरसान, सितारा, फातिमा व पड़ोस की महिला रुखसाना की मौत हो गयी थी। एनजीटी के आदेश पर यूपीपीसीबी के अधिकारियों की जांच में खुलासा हुआ था कि नासिर शाह पटाखे बेचने के लाइसेंस पर अपने ससुर रहमान शाह के आवास में अवैध पटाखा फैक्ट्री चला रहा था। विस्फोट में आसपास के कई मकान क्षतिग्रस्त हो गये थे। थाना सिरौली में रहमान शाह, उसके पुत्र वाहिद, कौआ टोला निवासी नासिर, नाजिम, हसनैन, अहमद मियां, मोहम्मद मियां समेत 7 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।

 

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