अखिलेश यादव ने उठाये जातिगत जनगणना की अधिसूचना पर सवाल, बताया जुमला कहा-कॉलम नहीं, गिनती किस बात की होगी
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जातिगत जनगणना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का केवल जुमला है। केंद्र सरकार द्वारा जारी जनगणना की अधिसूचना में जाति का कोई कॉलम ही नहीं है, ऐसे में गिनती किस बात की होगी। यादव ने शनिवार को फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, " भाजपा का सीधा फ़ार्मूला है, गिनती होगी और न ही आनुपातिक आरक्षण व अधिकार देने के लिए कोई जनसांख्यिकीय आधार तैयार होगा।"
उन्होंने इसे पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज के ख़िलाफ़ एक सुनियोजित साज़िश बताया। सपा अध्यक्ष ने कहा कि आज भाजपा पर भरोसा करने वाले लोग खुद को ठगा हुआ और अपमानित महसूस कर रहे हैं। उनका दावा है कि जो भाजपा कार्यकर्ता और नेता अब तक जातिगत जनगणना कराने का दावा कर रहे थे, वे अब अपने समाज में जवाब देने की स्थिति में नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग अब भाजपा के झंडे और प्रतीक हटाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए समाज को अपने मान-सम्मान, आरक्षण और अधिकारों की लड़ाई खुद लड़नी होगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब इस मुद्दे पर विरोध तेज होगा तो भाजपा इसे 'टाइपिंग मिस्टेक' बताकर बचने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है और जनता उसके इरादों को समझ चुकी है। अखिलेश यादव ने भाजपा पर वचन से मुकरने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब 'वचन-विमुखी' शब्द का अर्थ ही भाजपा बन चुका है।
