कम वसूली करने वाले 10 जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब, आबकारी मंत्री ने की समीक्षा बैठक में दिए कई निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार : आबकारी एवं मध्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कम राजस्व वसूली वाले 10 जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। कम वसूली वाले जिलों में कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, बुलंदशहर, हाथरस, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बरेली शामिल हैं।
आबकारी मंत्री शनिवार को गन्ना संस्थान, डालीबाग में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पड़ोसी राज्यों से आने वाली अवैध शराब, कच्ची, मिलावटी और चोरी की मदिरा पर पूरी तरह रोक लगाने को कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की बात कही है। साथ ही कहा कि किसी भी जिले में शराब की ओवररेटिंग या उद्योगों के संचालन में अनावश्यक बाधा की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बिजनौर में मदिरा इंडस्ट्री के खिलाफ कथित गैर-जिम्मेदारीपूर्ण कार्रवाई के मामले में वहां के जिला आबकारी अधिकारी के कार्यों की जांच कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
समीक्षा बैठक में मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग के लिए 63 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष फरवरी तक 50,585 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 7,756.36 करोड़ रुपये अधिक है। फरवरी 2026 में ही 6,635.79 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 134.65 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि वैट और जीएसटी के बाद सर्वाधिक राजस्व आबकारी विभाग से मिलता है और पिछले आठ वर्षों में विभाग में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ी है। बैठक में अपर मुख्य सचिव आबकारी वीना कुमारी मीणा, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
