सीतापुर में 7 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त, फर्जी मार्कशीट के आधार पर पाई थी नौकरी
12,460 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के दस्तावेज सत्यापन में बड़ा खुलासा। जांच में सात शिक्षकों के TET और D.El.Ed अंकपत्र फर्जी मिलने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने की सख्त कार्रवाई।
सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर से एक हौरान करने वाला मामला सामने आया है। यह मामला 12,460 शिक्षक भर्ती से जुड़े दस्तावेजों का है। जहां जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। TET और D.El.Ed के कथित फर्जी अंकपत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने वाले सात सहायक शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों में FIR दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
दस्तावेज सत्यापन में सामने आया मामला
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, वर्ष 2023-24 की 12,460 शिक्षक भर्ती के तहत इन अभ्यर्थियों का चयन हुआ था। न्यायालय के आदेश के कारण इनका समायोजन कुछ समय तक लंबित रहा और बाद में जनवरी 2024 में विद्यालयों में तैनाती की प्रक्रिया शुरू हुई।
वेतन भुगतान से पहले दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान संबंधित शिक्षकों के TET और D.El.Ed के अंकपत्र फर्जी पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने सेवा समाप्ति की कार्रवाई की।
बीएसए ने सेवा समाप्त कर दर्ज कराने को कहा मुकदमा
बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) गोरखनाथ पटेल ने सातों शिक्षकों की नियुक्ति निरस्त करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों (ABSA) को संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई
कार्रवाई की जद में अलग-अलग विकास खंडों में तैनात सात शिक्षक आए हैं।
- खैराबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर की सहायक अध्यापिका कुसुमलता।
- लहरपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भानपुर के मनीष सिंह तथा प्राथमिक विद्यालय गनेशपुर के भूपेंद्र कुमार, जिनके TET अंकपत्र फर्जी पाए गए।
- महोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बसारा की पूजा और प्राथमिक विद्यालय महुआकोला के विवेक कुमार, जिन पर TET और D.El.Ed के फर्जी अंकपत्र लगाने का आरोप है।
- सकरन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ताजपुर के मुरारी लाल रावत और प्राथमिक विद्यालय शिवपुरी के जय नारायण सिंह, जिनके TET प्रमाणपत्र भी जांच में फर्जी मिले।
विभाग ने अपनाया सख्त रुख
फर्जी दस्तावेजों की पुष्टि के बाद विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई संबंधित थानों में दर्ज मुकदमों के आधार पर की जाएगी।
