माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय ने स्थायी परिसर से शुरू किया संचालन, विकास यात्रा में जुड़ा ऐतिहासिक अध्याय
वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ नए प्रशासनिक भवन से कार्यारंभ, कुलपति बोले—अब प्रशासनिक व्यवस्था होगी और अधिक सुदृढ़
बलरामपुर, अमृत विचार। माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय ने अपनी विकास यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए शनिवार से अपने नवनिर्मित स्थायी प्रशासनिक भवन से आधिकारिक संचालन शुरू कर दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, विधिवत पूजा-अर्चना और मंगलाचरण के बीच माँ पाटेश्वरी धाम के पूज्य पीठाधीश्वर महंत श्री मिथलेश नाथ जी महाराज के सानिध्य एवं आशीर्वाद में कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने नए भवन से कार्यारंभ किया।
कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने बताया कि अब विश्वविद्यालय का समस्त प्रशासनिक एवं कार्यालयी कार्य स्थायी परिसर स्थित प्रशासनिक भवन से संचालित होगा। इससे प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। साथ ही विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
विश्वविद्यालय परिवार ने इसे संस्थान की विकास यात्रा का ऐतिहासिक पड़ाव बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। नए परिसर से संचालन शुरू होने पर अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और इसे विश्वविद्यालय के लिए नई शुरुआत बताया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास जताया कि स्थायी परिसर से संचालन शुरू होने के बाद उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संवर्धन को नई गति मिलेगी। साथ ही विश्वविद्यालय क्षेत्र के शैक्षिक विकास में और अधिक प्रभावी भूमिका निभाते हुए ज्ञान और उत्कृष्टता के नए आयाम स्थापित करेगा।
