Sonam Wangchuk : डॉक्टरों की सलाह के बावजूद इलाज से इनकार, भूख हड़ताल के बीच अस्पताल में भर्ती

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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दिल्ली। पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उनके शरीर में डिहाइड्रेशन और पोटेशियम की कमी के लक्षण पाए। हालांकि, वांगचुक ने आईवी फ्लूइड, ओआरएस और अन्य दवाएं लेने से इनकार कर दिया है।

सफदरजंग अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक को सुबह 7:40 बजे वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (वीएमएमसी) एवं सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती के समय वह पूरी तरह सचेत थे। उनकी नाड़ी, रक्तचाप और ऑक्सीजन स्तर सामान्य पाया गया तथा बेहोशी की कोई घटना सामने नहीं आई।

चिकित्सकीय जांच में उनके शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के संकेत मिले। रक्त गैस विश्लेषण में 'कम्पेन्सेटेड एसिडोसिस' और सीरम पोटेशियम का स्तर सामान्य से कम पाया गया। उनका ब्लड शुगर 78 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर दर्ज किया गया। दोबारा जांच में भी पोटेशियम का स्तर कम मिला।

अस्पताल के अनुसार, भर्ती के समय मूत्र में कीटोन का स्तर एक था, जो दोपहर तक बढ़कर तीन हो गया। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए अंतःशिरा (आईवी) तरल, ओआरएस और अन्य आवश्यक उपचार की सलाह दी, लेकिन वांगचुक ने सभी तरह के उपचार लेने से इनकार कर दिया। अस्पताल ने बताया कि उनकी सेहत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और चिकित्सक उन्हें इलाज स्वीकार करने के लिए लगातार परामर्श दे रहे हैं। इस बीच, सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजली अंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपील करते हुए कहा कि उनकी सहमति, परिवार की अनुमति और पिछले 20 दिनों से उनकी निगरानी कर रहे डॉक्टरों की राय के बिना वांगचुक को मुंह या नस के जरिए कोई दवा या अन्य चीज़ न दी जाए।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शनिवार को उनके अनशन का 21वां दिन था और इस दौरान उनका वजन नौ किलोग्राम से अधिक घट चुका है। वांगचुक के समर्थन में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। वहीं, वांगचुक और सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) ने संसद के मानसून सत्र से पहले 20 जुलाई को अपनी मांगों के समर्थन में संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है और लोगों से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।

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