यूपी में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित: रेशम उद्योग के लिए नया मंच, कारीगरों-बुनकरों को मिलेगा सीधा बाजार

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : योगी सरकार ने रेशम उद्योग के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की है। इस सेंटर में एरी, शहतूती और टसर रेशम से संबंधित सभी आधुनिक और पारंपरिक प्रक्रियाओं को दर्शाया गया है। यहां रेशम कीट पालन, कोकून उत्पादन, धागा निर्माण और वस्त्र तैयार करने तक की पूरी श्रृंखला को जीवंत रूप में देखा जा सकेगा ।

यह बात सोमवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान ने इस केंद्र का उद्घाटन करने के बाद कहीं। उन्होंने बताया कि यह केंद्र रेशम उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया ‘सॉइल टू सिल्क’ की अवधारणा पर आधारित है, जिसमें मिट्टी से लेकर रेशम धागा और वस्त्र निर्माण तक की हर अवस्था को एक ही स्थान पर प्रदर्शित किया जाएगा। 

बताया कि यह स्थल पहले अनुपयोगी स्थिति में था, जिसे अब आधुनिक स्वरूप देकर रेशम उद्योग की पहचान का केंद्र बनाया गया है। एमएसएमई मंत्री ने एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के लघु उद्यमियों को बड़ा लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में उद्यान एवं रेशम विभाग के अपर मुख्य सचिव, विशेष सचिव-निदेशक (रेशम) तथा केंद्रीय रेशम बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।

शुद्ध रेशम की होगी पहचान

‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ उपभोक्ताओं को शुद्ध रेशम की पहचान, गुणवत्ता की समझ और नकली रेशम से अंतर करने की जानकारी भी प्रदान करेगा। यह केंद्र प्रशिक्षण, प्रदर्शनी और बिक्री केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जिससे बुनकरों, कारीगरों, किसानों और स्वयं सहायता समूहों को सीधा बाजार उपलब्ध हो सकेगा।

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