‘Book a call with BLO’ में यूपी का प्रदर्शन बेहतर...मतदाता सूची सुधारने हर बूथ पर रहेंगे BLO, जानें प्रक्रिया

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को प्रभावी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने अहम निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत आगामी 27 फरवरी तक प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) प्रतिदिन दो घंटे मौजूद रहेंगे। यह व्यवस्था सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक लागू रहेगी, ताकि मतदाताओं को फॉर्म भरने और सूची से जुड़ी समस्याओं के समाधान में सहूलियत मिल सके।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को बताया कि इस अवधि में सभी बूथों पर बीएलओ के पास फॉर्म-6 (नया नाम जोड़ने), फॉर्म-7 (नाम हटाने) और फॉर्म-8 (संशोधन) के साथ ड्राफ्ट मतदाता सूची, मतदाता सूची से हटाए गए नामों की सूची और वर्ष 2003 की मतदाता सूची भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा प्रत्येक बूथ पर वोटर असिस्टेंट बूथ भी स्थापित किए जाएंगे, जहां मतदाता अपनी मैपिंग (पते और विवरण का सत्यापन) भी करा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि 6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। जिन मतदाताओं की मैपिंग अब तक नहीं हो पाई है, उन्हें नोटिस भेजकर अभिलेखीय साक्ष्य मांगे जा रहे हैं। वहीं 6 फरवरी से 27 फरवरी तक नोटिस चरण में सुनवाई, सत्यापन और दावों-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 6 मार्च को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया 
जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं से अपील की कि वे अपना मोबाइल नंबर ईपीआईसी नंबर से लिंक अवश्य करा लें, जिससे भविष्य में किसी भी सूचना या सत्यापन में आसानी हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन विदेशी महिलाओं ने भारतीय नागरिक से विवाह किया है, उन्हें मतदाता बनने के लिए पहले भारतीय नागरिकता प्राप्त करनी होगी। नागरिकता मिलने के बाद ही वे मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगी।

बुक कॉल विद बीएलओ में यूपी का प्रदर्शन बेहतर

नवदीप रिणवा ने बताया कि ‘बुक कॉल विद बीएलओ’ सुविधा के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन बेहतर रहा है। लंबित मामलों के मामले में यूपी चौथे स्थान पर है, जबकि बड़े राज्यों में यह पहले स्थान पर है। उन्होंने बताया कि यूपी में कुल 2,36,233 कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें से मात्र 1,412 कॉल (0.6 प्रतिशत) लंबित हैं। तुलना में केरल में 32 प्रतिशत, असम में 34 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 22.53 प्रतिशत कॉल अब भी लंबित हैं। लद्दाख में कोई भी मामला लंबित नहीं है, जबकि मिजोरम और सिक्किम में सभी कॉल का निस्तारण किया जा चुका है।

फॉर्म-7 पर होगी दोहरी जांच

फॉर्म-7 के संबंध में उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस मतदाता का नाम सूची से हटाया गया है और जिसने फॉर्म जमा किया है, दोनों को बीएलओ द्वारा नोटिस भेजा जाएगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति ने स्वयं फॉर्म भरा है। इससे मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि या दुरुपयोग की संभावना को रोका जा सकेगा। निर्वाचन आयोग के इन निर्देशों से एसआईआर प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल कराने में सहूलियत मिलेगी।

संबंधित समाचार