India-US trade deal : "डील नहीं - ढील है, यह समझौता नहीं, समर्पण है", अखिलेश यादव का केंद्र पर तीख तंज

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि "डील नहीं, ढील है", जो भी समझौता देश की 70 प्रतिशत कृषि आधारित जनता के हितों के खिलाफ होगा, वह कभी लाभकारी साबित नहीं हो सकता। बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सदन में कृषि और डेयरी को बचाने के दावे किए जा रहे हैं, जबकि ज़मीनी सच्चाई कुछ और है। 

उन्होंने कहा, "जब डील की शर्तें अभी तय ही नहीं हुईं और न ही हस्ताक्षर हुए हैं, तो पहले से फायदे के दावे कैसे किए जा सकते हैं? हर ट्रेड डील लाभ-हानि की तराज़ू पर तोली जाती है, सवाल यह है कि फ़ायदे में कौन है और नुक़सान में कौन।" उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इन दावों का संज्ञान लिया जाएगा और अगर ये झूठे साबित हुए तो कार्रवाई की मांग की जाएगी।

 सपा प्रमुख ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा, "भाजपाई हानि का उत्सव न मनाएं। यह डील एक आपदा है, इसमें कमीशनख़ोरी के अवसर न तलाशें।" अखिलेश यादव ने समझौते को "समर्पण" करार देते हुए कहा कि लोग यह तक कह रहे हैं मानो भारत से 500 अरब डॉलर की रंगदारी वसूली जा रही हो।

उन्होंने सरकार समर्थकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो इसे कूटनीति की जीत बता रहे हैं, वे भी जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय ताक़तें अपनी शर्तों पर मुनाफ़े का ढांचा तैयार कर रही हैं। उन्होंने अंत में कहा कि इस सौदे को "मील का पत्थर" बताने वालों की समझ पर सवाल उठते हैं और जो इसे सरकार के दबदबे की जीत बता रहे हैं, वे भीतर ही भीतर दबाव महसूस कर रहे हैं।  

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