सरकार ने खोला खजाना, 250 करोड़ से रामनगरी के पर्यटन की बुनियादी सुविधाएं होंगी मजबूत, सोलर सिटी के लिए 100 करोड़
अयोध्या, अमृत विचार: रामनगरी के लिए योगी सरकार ने अपना खजाना खोल दिया है। उत्तर प्रदेश के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में रामनगरी के पर्यटन और सर्वांगीण विकास के लिए कुल 250 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है। यह घोषणा राम मंदिर के बाद अयोध्या को वैश्विक तीर्थ और पर्यटन केंद्र के रूप में मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बजट में उत्तर प्रदेश श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के लिए 150 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इस राशि से अयोध्या क्षेत्र में पर्यटन अवस्थापना का विकास होगा। इसमें श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं, सड़कें, यात्री विश्राम गृह, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य पर्यटन संबंधी बुनियादी ढांचे का विस्तार शामिल है। परिषद इन फंड्स के माध्यम से राम पथ, घाटों, पार्कों और आसपास के तीर्थ स्थलों को और आकर्षक बनाने पर काम करेगी।
वहीं अयोध्या के सर्वांगीण विकास के लिए अलग से 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि शहर की समग्र प्रगति पर केंद्रित होगी। अयोध्या में पर्यटन बढ़ने से स्थानीय रोजगार, होटल, परिवहन और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। पिछले वर्षों में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।
महापौर ने बजट को ऐतिहासिक करार दिया
महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश सरकार के बजट को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार ने अयोध्या के चहुंमुखी विकास के लिए खजाना खोल दिया है। तीर्थ विकास परिषद को 150 करोड़ रुपये एवं सर्वांगीण विकास के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित कर योगी सरकार ने साबित कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता अयोध्या की तरक्की है। इस धनराशि से नागरिक सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और पर्यटकों के आवागमन में वृद्धि होगी।
165 हेक्टेयर में सोलर प्लांट बनेगा, रोज 250 मिलियन यूनिट बिजली का होगा उत्पादन
अयोध्या को सोलर सिटी और राज्य के स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने बजट 2026 में 100 करोड़ मंजूर किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने इसकी घोषणा की है। इसके अलावा पर्यटन इंफ्रा स्ट्रक्चर के लिए 150 करोड़ अलग से दिया गया है।
पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर (₹150 करोड़): तीर्थ यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं, पार्किंग, पेयजल, और शौचालय।
विशेष विकास (₹100 करोड़): शहर के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान।
वैदिक वेलनेस सिटी: जमथरा में बनने वाली वैदिक वेलनेस सिटी को मंदिर मार्ग से जोड़ने के लिए राशि।
मॉडल सोलर सिटी: अयोध्या को देश की पहली मॉडल सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मठ-मंदिरों का जीर्णोद्धारः पौराणिक और प्राचीन मठों और मन्दिरों के पुनर्निर्माण/सौंदर्याकरण के लिए धन।
सरयू तट सौंदर्याकरणः सरयू तट को और आकर्षक बनाने का लक्ष्य।
इन विकास कार्यों के माध्यम से अयोध्या को विश्व स्तरीय आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र बनाने का लक्ष्य
अयोध्या सोलर सिटी के रूप में विकसित हो रही है। इसके साथ ही अयोध्या देश भर को ऊर्जा बचत का संदेश दे रही है। जिला प्रशासन ने 165 हेक्टेयर भूमि एनटीपीसी को सोलर प्लांट की स्थापना के लिए लीज पर फ्री उपलब्ध कराई है, जिसकी क्षमता 40 मेगावाट की है। लीज पर दी गई सार्वजनिक भूमि सरयू नदी के किनारे माझा रामपुर हलवारा में है। इस सोलर प्लांट से प्रतिदिन 250 मिलियन यूनिट का उत्पादन होने लगा है।
165 हेक्टेयर भूमि पर एनटीपीसी को सोलर प्लांट की स्थापना
सोलर प्लांट से तैयार बिजली ग्रिड के माध्यम से दर्शननगर उपकेंद्र सप्लाई की जाती है, वहां से जिले ष्ट्रीय ऊको आपूर्ति की जाती है। रविवार को रार्जा संरक्षण दिवस पर यह जानना भी रोचक है कि रामनगरी में कितने लोगों ने पीएम सूर्यघर योजना में अपने घरों में सोलर प्लांट लगवाए हैं। महापौर महंत गिरीशपति तिवारी ने कहा कि 100 करोड़ के बजट की अयोध्या की अवस्थाना की सुविधाएं बढ़ेंगी और इसका लाभ पर्यटकों और श्रद्धालुओं को मिलेगा।
