अधिवक्ता हत्याकांड : भारी फोर्स की मौजूदगी में किया फारूख को सुपुर्द-ए-खाक, बाबू ने की थी गोली मारकर हत्या
रामपुर, अमृत विचार। गुरुवार को अधिवक्ता फारूख के जनाजे को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए शहर की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, एसपी विद्या सागर मिश्र पुलिस बल के मौके पर मौजूद रहे।
जिला पंचायत कार्यालय में बुधवार दोपहर को हेड क्लर्क ने कहासुनी के दौरान एक अधिवक्ता को गोली मार दी थी, अस्पताल ले जाते समय अधिवक्ता की मौत हो गई। नगर कोतवाली नालापार निवासी वकील फारुख अहमद खान (45) की पत्नी गौसिया सिविल लाइंस थाना क्षेत्र राहे रजा स्थित जिला पंचायत कार्यालय में क्लर्क हैं। यहीं पर थाना पटवाई क्षेत्र के मिलक तहव्वुर गांव का रहने वाला असगर अली भी हेड क्लर्क है।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे गौसिया और बाबू असगर अली के बीच कुछ गहमागहमी हुई। इसी बात को लेकर गौसिया ने अपने पति फारुख को कॉल करके बुला लिया। फारुख सीधे असगर अली के पास उसके केबिन में गए। वहां दोनों में कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। बाबू असगर ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से गोली चला दी, जिससे तीन फायरिंग मौके पर हुई।
जिसमें दो गोली अधिवक्ता के बाईं साइड लग गई, देखते ही देखते वो बदहवास होकर जमीन पर गिर गए। इस दौरान भगदड़ मच गई, पत्नी भी बाहर की तरफ भागी और शोर मचाया। आनन-फानन में घायल अधिवक्ता फारुख को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र लोधी सहित काफी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
पुलिस को अंदेशा था कि लोगों में गुस्सा है, कहीं जनता विरोध प्रदर्शन न करे। अधिवक्ताओं ने गुरुवार को कार्य न करने का निर्णय लिया है। मामले को लेकर एसपी विद्या सागर मिश्र लगातार अधिवक्ताओं से संपर्क साधे हुए हैं। जबकि सीओ सीटी जितेंद्र कुमार और कई थानों की पुलिस मौके पर मौजूद रही। एसपी विद्या सागर मिश्र ने बताया कि मृतक को सुपुर्द ए खाक कर दिया है। आरोपी असगर पुलिस हिरासत में है और उसका इलाज मुरादाबाद में चल रहा है। मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
