प्रधानमंत्री मोदी ने तारिक रहमान को लगाया फ़ोन: बीएनपी की चुनावी जीत पर दी बधाई, जानिए कब लेंगें पीएम पद की शपथ 

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Published By Anjali Singh
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दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को पड़ोसी देश बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की जीत पर उसके नेता तारिक रहमान से बात की और दोनों देशों के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया। बीएनपी देश में हुए ऐतिहासिक संसदीय चुनावों में शानदार जीत की ओर अग्रसर है और दो दशकों के अंतराल के बाद सत्ता में वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, "तारिक रहमान से बात करके मुझे बहुत खुशी हुई। मैंने उन्हें बांग्लादेश चुनावों में उनकी उल्लेखनीय जीत पर बधाई दी।" उन्होंने लिखा, "मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों में अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया। गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध वाले दो घनिष्ठ पड़ोसी देशों के रूप में मैंने दोनों देशों की जनता की शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की।" 

इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में रहमान को उनकी "निर्णायक जीत" पर हार्दिक बधाई दी और कहा कि वह साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ काम करने के लिए उत्सुक हैं। मोदी ने कहा, "बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बीएनपी को निर्णायक जीत दिलाने के लिए मैं तारिक रहमान को हार्दिक बधाई देता हूं।" मोदी ने कहा कि रहमान की जीत उनके नेतृत्व में बांग्लादेश का भरोसा दर्शाती है। 

मोदी ने कहा, ''भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा। मैं आपके साथ मिलकर हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं।'' इन चुनावों का महत्व इसलिए भी बढ़ गया क्योंकि ये चुनाव उथल-पुथल भरे राजनीतिक माहौल, अस्थिरता और नाजुक सुरक्षा स्थिति के बाद हुए थे, जिसमें अगस्त 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के बाद अल्पसंख्यकों पर व्यापक हमले भी शामिल थे। 

छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शन ने शेख हसीना के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया था। मीडिया में आई खबरों के अनुसार, बीएनपी ने 300 सीटों वाली संसद में 151 से अधिक सीट जीत ली हैं और उसके आगे और सीटें जीतने की संभावना है। इस्लामाबाद की करीबी माने जाने वाली कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी लगभग 75 सीटों पर आगे चल रही है या जीत रही है। 

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