विदेशी सड़कों पर खुद ड्राइव करने का प्लान? IDP को न करें नजरअंदाज
इंटरनेशनल ट्रिप की तैयारी करते वक्त हमारी प्राथमिकता अक्सर फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग और वीज़ा पर ही टिकी रहती है। घूमने की जगहों की लिस्ट बन जाती है, जरूरी गाइडलाइंस भी देख ली जाती हैं, लेकिन अगर योजना विदेशी धरती पर खुद स्टेयरिंग संभालने की हो, तो एक बेहद अहम दस्तावेज़ अक्सर हमारी ट्रैवल चेकलिस्ट से छूट जाता है। यही दस्तावेज़ है इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट (IDP)। यह सिर्फ एक औपचारिक कागज़ नहीं, बल्कि आपकी ड्राइविंग पहचान का अंतरराष्ट्रीय प्रमाण है, जो यह साबित करता है कि आप भारत में अधिकृत चालक हैं और दुनिया के कई देशों में कानूनी रूप से वाहन चला सकते हैं। आज के समय में इंटरनेशनल सेल्फ-ड्राइव ट्रैवल का क्रेज़ तेज़ी से बढ़ रहा है। ऐसे में IDP आपकी यात्रा को न केवल आसान बनाता है, बल्कि किसी भी कानूनी परेशानी से भी बचाता है।
IDP क्या है और क्यों है जरूरी?
इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट आमतौर पर जारी होने की तारीख से एक साल तक वैध रहता है। विदेश में ड्राइव करते समय इसे अपने भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस और पासपोर्ट के साथ रखना अनिवार्य होता है। कई देशों में बिना IDP के न तो कार किराये पर मिलती है और न ही लीगल तरीके से ड्राइव करने की अनुमति।
कुछ जगहों पर भारी जुर्माना या ड्राइविंग पर पूरी तरह प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। अच्छी बात यह है कि अब IDP के लिए आवेदन प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। Ministry of Road Transport and Highways के परिवहन (Parivahan) पोर्टल के ज़रिये आप घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कौन कर सकता है IDP के लिए आवेदन?
भारत में IDP के लिए आवेदन करने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी होती हैं। आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है और उसके पास वैध भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। यह लाइसेंस आवेदन की तारीख से कम से कम छह महीने तक वैध होना चाहिए। साथ ही, आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी अनिवार्य है।
IDP के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन प्रक्रिया के दौरान कुछ अहम दस्तावेज़ों की जरूरत पड़ती है। इनमें भरा हुआ IDP एप्लीकेशन फॉर्म (Form 4A), वैध भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी, पासपोर्ट की कॉपी (पर्सनल डिटेल और वीज़ा पेज), हाल की पासपोर्ट साइज फोटो, वीज़ा की सेल्फ-अटेस्टेड कॉपी और एड्रेस प्रूफ शामिल हैं। सभी डॉक्यूमेंट्स सही और स्पष्ट होने चाहिए, ताकि आवेदन में कोई देरी न हो।
फीस और वैधता
IDP बनवाने के लिए 1,000 रुपये की फीस देनी होती है। यह परमिट जारी होने की तारीख से एक साल तक वैध रहता है। यदि भविष्य में दोबारा इसकी जरूरत पड़े, तो नई आवेदन प्रक्रिया के ज़रिये इसे फिर से बनवाना होता है। भुगतान आप UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से कर सकते हैं। कुछ मामलों में आधार वेरिफिकेशन या स्थानीय RTO में फिजिकल वेरिफिकेशन की जरूरत भी पड़ सकती है।
आवेदन की आसान प्रक्रिया
परिवहन सारथी पोर्टल पर जाकर अपने राज्य का चयन करें, जहां से आपका ड्राइविंग लाइसेंस जारी हुआ है। ड्राइविंग लाइसेंस सेक्शन में जाकर इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट के विकल्प पर क्लिक करें। इसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और जन्मतिथि दर्ज करें, जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और फीस का भुगतान कर दें।
विदेश में IDP इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें
विदेश में ड्राइव करते समय हमेशा अपना भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस और IDP साथ रखें। जिस देश में जा रहे हैं, वहां के ट्रैफिक नियमों और रोड साइन की जानकारी पहले से ले लें। अगर कार किराये पर ले रहे हैं, तो रेंटल कंपनी को IDP के बारे में जरूर बताएं। कुछ देशों में विदेशी ड्राइवरों के लिए अलग उम्र सीमा या नियम हो सकते हैं।
