Bareilly: जहर देकर पत्नी की हत्या करने के दोषी को आठ साल की कैद
विधि संवाददाता, बरेली। जहर खिलाकर पत्नी की दहेज हत्या करने के आरोपी थाना बहेड़ी क्षेत्र के सिंह गौटिया निवासी विष्णु को परीक्षण में दोषी पाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद ने 8 वर्ष सश्रम कारावास और 8 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी। इसके अतिरिक्त मृतका के बच्चे को 3 लाख रुपये उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष से दिलाये जाने का आदेश डीएम को दिया।
सरकारी वकील दिगम्बर पटेल एवं मनोज वाजपेई ने बताया कि मृतका के भाई चन्द्रपाल ने थाना बहेड़ी में तहरीर देकर बताया था कि वह ग्राम राठ देवरनियां का निवासी है। उसकी बहन गीता की शादी विष्णु के साथ वर्ष 2016 में हुई थी। शादी के एक साल बाद से विष्णु उसकी बहन के साथ मारपीट करता रहता था। 13 नवम्बर 2020 को विष्णु ने उसकी बहन को जहर खिला दिया था। इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए लखनऊ रैफर कर दिया गया। केजीएमयू में इलाज के दौरान 20 नवम्बर 2020 को गीता की मृत्यु हो गयी थी। पुलिस ने दहेज उत्पीड़न, हत्या, दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपरांत आरोप पत्र कोर्ट भेजा था। अभियोजन ने 9 गवाह पेश किये।
वहीं, अदालत ने आदेश में सुप्रीम कोर्ट द्वारा वर्तमान भारतीय समाज में विवाहित नारी की सामाजिक मनोस्थिति व अत्यंत पीड़ादायक जीवन को सत्यनारायण तिवारी उर्फ जौली बनाम उत्तर प्रदेश राज्य 2011 को उल्लेखित किया कि एक स्वस्थ समाज की पहचान महिलाओं के प्रति सम्मान है। भारतीय समाज एक बीमार समाज बन गया है। यह इस न्यायालय में और देश के लगभग सभी न्यायालयों में आने वाले बड़ी संख्या में मामलों से स्पष्ट है जिनमें युवा महिलाओं को उनके पति या उनके ससुराल वालों द्वारा मिट्टी का तेल डालकर आग लगा दी जाती है या फांसी, गला घोंटकर मार दिया जाता है। जिस समाज में बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ इस तरह का घिनौना और बर्बर व्यवहार किया जाता है, उसकी सभ्यता का स्तर क्या है।
