एआई युग में भारत तैयार: अश्विनी वैष्णव बोले - आईटी टैलेंट को अपस्किल करेंगे, दुनिया का डेटा भारत में होगा प्रोसेस
नई दिल्लीः केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार भारतीय आईटी उद्योग के सामने कृत्रिम मेधा (एआई) के कारण उत्पन्न चुनौतियों से अवगत है और प्रतिभाओं का कौशल बढ़ाने (अपस्किल) के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ काम कर रही है। 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' 2026 के उद्घाटन सत्र में वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय बजट में एक बड़ा नीतिगत बदलाव घोषित किया है जिसका उद्देश्य दुनिया के डेटा को भारत में आकर्षित करना, उन्हें यहीं संग्रहित और संसाधित करना तथा यहां से उच्च-मूल्य सेवाएं वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा, '' हम अपने आईटी उद्योग के सामने मौजूद चुनौतियों के प्रति भी सजग हैं और उन्हें कम करने के लिए उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि प्रतिभाओं का कौशल बढ़ाया जा सके और इस नए बुद्धिमत्ता युग के लिए नई प्रतिभा श्रृंखला तैयार की जा सके। ''
वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सदैव स्वच्छ ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है और वर्तमान में भारत की विद्युत उत्पादन क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा स्वच्छ स्रोतों से आ रहा है। उन्होंने कहा, "हमारे दूरदर्शी प्रधानमंत्री ने हाल ही में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी सुधार किए हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा के आधारभूत भार की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। पिछले एक दशक में हमने अपने विद्युत ग्रिड को लगभग पूरी तरह से सुदृढ़ और पुनर्निर्मित किया है।"
