Bareilly : सीबीगंज में शराब फैक्ट्री पर आयकर छापा, 30 घंटे से खंगाले जा रहे कागजात
लखनऊ और दिल्ली की आयकर टीमें सुपीरियर शराब फैक्ट्री में मंगलवार देर शाम पांच गाड़ियों से पहुंची, पीएसी की एक गाड़ी भी साथ लाए
बरेली, अमृत विचार। शराब कारोबार में करोड़ों रुपये की आयकर चोरी की आशंका पर दिल्ली और लखनऊ की आयकर टीमों ने मंगलवार की देर शाम सीबीगंज की सुपीरियर शराब फैक्ट्री पर छापा मारा। पांच गाड़ियों से पहुंचे अधिकारी 30 घंटे से ज्यादा समय से फैक्ट्री में कई ब्रांड की देसी और अंग्रेजी शराब के उत्पादन और बिक्री के रिकार्ड खंगाल रहे हैं। फैक्ट्री के अंदर एक ट्रक पीएसी के जवान डेरा जमाए हैं। आयकर टीमों ने मालिक, मैनेजर सहित कई सीनियर पदाधिकारियों के साथ वरिष्ठ कर्मचारियों के मोबाइल कब्जे में ले लिए हैं। आयकर विभाग की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है लेकिन चर्चा हो रही है कि आयकर डेटा में हेरफेर कर कई करोड़ रुपये की आयकर चोरी की आशंका है।
फैक्ट्री के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि मंगलवार की देर शाम करीब 7 बजे एक साथ पांच गाड़ियां एक पीएसी गाड़ी के साथ फैक्ट्री पहुंची और फैक्ट्री के अंदर दाखिल होते ही पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया। मुख्य गेट के अंदर ताला लगाकर फैक्ट्री परिसर में बने गोदाम, उत्पादन क्षेत्र, आफिस और अकाउंट सेक्शन की घेराबंदी की। फैक्ट्री कर्मचारियों के फोन जब्त कर छानबीन शुरू की। फैक्ट्री में कई ब्रांड की देसी-अंग्रेजी शराब बनती है। टीमों ने मुख्य कार्यालय के लैपटॉप, कंप्यूटर, रजिस्टर आदि कागजातों को अपने कब्जे में लेकर छानबीन शुरू की। इस दौरान फैक्ट्री के अंदर-बाहर कर्मचारियों का आवागम पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया। देर रात तक आसपास की फैक्ट्री संचालकों को आयकर छापे की भनक तक नहीं लगी।
इधर, बुधवार तड़के टीमें फ्रेश होने के लिए चली गईं। कुछ देर बाद फैक्ट्री परिसर लौटीं, तब अन्य फैक्ट्री मालिकों सहित फैक्ट्री पहुंचने वाले कर्मचारियों में खलबली मची। इधर, चर्चा हाे रही है कि सुपीरियर शराब फैक्ट्री की ओर से जमा किए जा रहे आयकर रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर अनियमितता मिली है। दिल्ली के अधिकारियों ने गोपनीय रूप से डेटा जुटाया, उसकी प्रारंभिक जांच में आयकर चोरी की आशंका हुई। इसके बाद ही टीमों ने फैक्ट्री पर छापा मारा। छानबीन के दौरान किसी प्रकार का कोई विरोध न हो, इसके मद्देनजर पीएसी जवानों को भी टीम साथ लेकर पहुंची थी। पीएसी का ट्रक फैक्ट्री के अंदर ही खड़ा कराया गया है, जबकि सीबीगंज थाना पुलिस चार कदम दूर थी, लेकिन स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं दी।
कर्मचारियों को सघन जांच कर एक-एक कर आने-जाने दिया
आयकर अधिकारियों ने फैक्ट्री परिसर के गोदामों में मौजूद मजदूरों के भी मोबाइल जब्त किए, लेकिन शटर नीचे कर उन्हें काम करने की अनुमति दी। शिफ्ट खत्म होने पर एक-एक कर्मचारी की जांच के बाद टीम ने उन्हें फैक्ट्री से बाहर जाने दिया। कर्मचारियों को पूरी तरह नहीं रोका। आवश्यक उत्पादन कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए सीमित आवाजाही कर दी। बुधवार दोपहर कई कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर-बाहर गए। उनके हाथ में टिफिन भी थे। इस दौरान कर्मचारियों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। गेट पर तैनात फैक्ट्री के सुरक्षा गार्डों ने इतना बताया कि आयकर अधिकारी जांच कर रहे हैं, पीएसी भी अंदर है, इसके अलावा कुछ नहीं बताया।
इस बार आयकर छापे के पैटर्न में दिखा बदलाव
इस बार आयकर अधिकारियों ने छापे के पैटर्न में बदलाव किया। बरेली में अभी तक कई प्रतिष्ठानों पर छापे मारे गए, लेकिन ज्यादातर में तड़के 4-5 बजे या फिर 7-8 बजे टीमें पहुंची। सुपीरियर शराब फैक्ट्री में छापे के मामले में आयकर टीमों ने छापा मारने का समय देर शाम का तय किया। मंगलवार की देर शाम करीब 7 बजे से चल रहे आयकर छापे की जानकारी बुधवार दोपहर तक उद्यमियों के कानों तक पहुंची। इसके बाद शराब कारोबार से जुड़े तमाम व्यापारियों के भी फोन आपस में घनघनाए और एक-दूसरे को कॉल कर अपडेट लेने की कोशिश करते रहे।
