जोगी नवादा : गलियों में डूब गए बेहतर जलनिकासी के दावे
नाला चोक होने की वजह से जलभराव, लोग घरों से निकलने से कतरा रहे
बरेली, अमृत विचार। स्मार्ट सिटी में बेहतर जलनिकासी के दावों का सच देखना है तो जोगी नवादा का रुख कीजिए, जहां वार्ड की अधिकांश गलियों में जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है नाला चोक होने से नूरी मस्जिद के आसपास की सड़कों पर ड्रेनेज का पानी निकलने का नाम ही नहीं लेता। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि बारिश न हो, फिर भी सड़कों पर लगातार पानी भरा रहता है। स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
गंदे पानी से संक्रामक बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है। लोग घर से निकलने से बच रहे हैं। जरूरी काम होने पर ही वे बाहर निकलते हैं। ग्राहकों के साथ आमजन का सुबह और शाम के समय सड़कों पर चलना दूभर है। रात में हादसे का डर रहता रहता है। कई बार ऐसा भी होता है कि ई‑रिक्शा, दोपहिया वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं, जिससे जाम जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
बारिश होने पर घरों में पानी घुसने का लोगों का डर सता रहा है। बताया जाता है कि नूरी मस्जिद के पास बने नाले का पानी दुर्गानगर की तरफ निकलता है, लेकिन, नाला पूरी तरह से चोक है। महीनों से इसकी सफाई नहीं हुई है। ऐसे में लोगों में आक्रोश इस बात को लेकर है कि स्मार्ट सिटी के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जोगी नवादा जैसे इलाकों की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। आरोप यह भी है कि वार्ड में नालियों की सफाई और जल निकासी प्रणाली को प्राथमिकता नहीं दी गई। जिस कारण यह समस्या बनी है।
बारिश नहीं फिर भी सड़क पर भरा रहता पानी
स्मार्ट सिटी का पैसा कहां खर्च हुआ, पता नहीं। नाला चोक होने की वजह से बारिश नहीं होने पर भी हर समय सड़क पर पानी भरा रहता है। गड्ढों से बचना मुश्किल है। स्कूली बच्चों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ता है। लगता है स्मार्ट सिटी योजना सिर्फ नाम की रह गई है। -इमाम शाह।
जलभराव और गंदगी स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। गंदे पानी में संक्रमण फैलने का डर हर कदम पर रहता है। स्मार्ट सिटी कैसे स्मार्ट है, जब पानी निकासी जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं दे पाई? ई‑रिक्शा वाले तो आए दिन जाम लगाते हैं। -अरमान अल्वी।
नूरी मस्जिद के आसपास की गलियों की हालात बेहद खराब है। दिन में तो किसी तरह निकल जाते हैं, रात में हालात किसी खतरे से कम नहीं होते। नाला चोक होना आम बात है, क्योंकि सफाई के नाम पर केवल खानापूरी होती है, यही कारण है जलभराव की समस्या बनी हुई है। -आरिश।
यह समस्या सिर्फ एक‑दो दिनों की नहीं है, महीनों से है। जोगी नवादा की कई गलियां गड्ढे में तब्दील हैं। कई बार लोग चोटिल हो चुके हैं। शहर में स्मार्ट सिटी के बोर्ड तो कई जगह लगे हैं, पर समस्या कोई हल नहीं कर रहा। नगर निगम को ड्रेनेज सुधार की दिशा में कदम उठाना चाहिए। - शारुन राजा।
