स्वच्छ भारत अभियान को जन-जन तक पहुंचाएगी कार्यशाला, ललित कला अकादमी में शुरू हुई 10 दिवसीय ढोकरा कार्यशाला
लखनऊ, अमृत विचार: राज्य ललित कला अकादमी के अलीगंज स्थित क्षेत्रीय केंद्र में स्वच्छ भारत अभियान के तहत गुरुवार को 10 दिवसीय ढोकरा कार्यशाला शुरू हुई। वरिष्ठ कलाकार शिव बालक मुख्य अतिथि रहे। अकादमी के क्षेत्रीय सचिव डॉ. देवेन्द्र कुमार त्रिपाठी बताया कि छत्तीसगढ़ के ढोकरा धातु ढलाई विधा के कलाकार उदयराम झारा और बुधियारीन बाई झोरका कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। दोनों कलाकार ढलाई की ढोकरा विधि के माध्यम से धातु की अद्भुत मूर्तियों का निर्माण कर रहे हैं। लखनऊ के कला प्रेमियों को छत्तीसगढ़ की लोक गाथाओं और शिल्प कला को बारीकी से समझने का मौका मिल रहा है।
इस कार्यशाला में पारम्परिक कलाकारों के अलावा कला एवं शिल्प महाविद्यालय, डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्विद्यालय और ललित कला अकादमी के क्षेत्रीय केंद्र के शोधार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्यशाला में मूर्तिकार शिव बालक ने आदिवासी कला की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ढोकरा कला केवल धातु शिल्प नहीं बल्कि हमारी जड़ों और सभ्यता की पहचान है। आधुनिक युग में कला की ऐसी परम्परा को जीवंत रखना कलाकारों का कर्तव्य है।
