बाराबंकी : लव जिहाद, धर्मांतरण मामले में NGO संचालिका को धमकी देने वालों पर पुलिस का शिकंजा: पीड़िता का दावा- 'पकड़े गए आरोपी'
बाराबंकी, अमृत विचार। बाराबंकी जिले के लखपेड़ाबाग स्थित हॉस्टल में 'दहेज पर प्रहार' एनजीओ की संचालिका रिक्षा तुफैल को जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की है। पीड़िता रिक्षा तुफैल ने आज बताया कि उनकी तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर उन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है जो उन्हें पिछले कुछ समय से डरा-धमका रहे थे।
रिक्षा ने बताया कि लखनऊ के एक कैफे से संचालित हो रहे 'लव जिहाद' सिंडिकेट का पर्दाफाश करने और 17 लड़कियों को रेस्क्यू कराने के कारण उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा था, 21 फरवरी की रात उनके हॉस्टल पर हुई पत्थरबाजी और व्हाट्सएप पर अज्ञात नंबरों से जानलेवा धमकी दी गई थी।
जानकारी के मुताबिक पीड़िता रिक्षा तुफैल ने बताया कि गिरोह का मुख्य सरगना कमर हयात इदरीसी पहले ही जेल की सलाखों के पीछे है, लेकिन उसके साथी जफर हयात, प्रिया पांडे और आमिर खान अब भी फरार हैं। पीड़िता का आरोप है कि फरार आरोपी जफर हयात ने ही उन्हें जान से मारने के लिए सुपारी दी थी।
21 फरवरी की रात करीब 11:40 बजे अज्ञात हमलावरों ने उनके हॉस्टल पर पत्थर फेंके और व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर डराया। पीड़िता ने इस खौफनाक मंजर की सूचना तत्काल 112 और कोतवाली पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर कार्रवाई शुरू की। पीड़िता ने पुलिस की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा दी गई तहरीर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उन चेहरों को बेनकाब कर दिया है जो पर्दे के पीछे से उन्हें धमकियां दे रहे थे।
हालांकि, लड़कियों की तस्करी और किडनैपिंग करने वाले गिरोह के कुछ रसूखदार सदस्य अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विवेचना जारी है। फिलहाल, पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा सके। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़िता और उनके सहयोगियों ने राहत की सांस ली है।
