लखनऊ में जीएसटी घोटाले का बड़ा खुलासा: 2.75 करोड़ की चोरी करने वाले गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की तलवार, सरगना अम्मार अंसारी फरार!
लखनऊ, अमृत विचार: 16 बोगस फर्म खोलकर 2.75 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। साइबर थाना पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो पता चला कि गिरोह की मुख्य आरोपी तबस्सुम के तीन जिलों में खाते मिले हैं। इस जानकारी के बाद साइबर क्राइम सेल की टीम ने जेल गए जालसाजों तबस्सुम, प्रशांत बेंजवाल, दौलत राम और सुमित सौरभ के बैंक खातों का ब्योरा लखनऊ, कानपुर और सीतापुर से मांगा है। माना जा रहा है कि ब्योरा मिलते ही खाते से हुए लेन-देन की कई अहम जानकारियां मिलेंगी।
साइबर थाना पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि आरोपी तबस्सुम ने अपने तीन नामों तबस्सुम, गुलचमन और जाह्नवी के नाम से बैंक खाते खुलवा रखे थे। आरोपी दौलत राम और प्रशांत बेंजवाल मजदूरों को 10-15 हजार रुपये देकर उनके दस्तावेज लेते थे और खाते व फर्म खुलवाते थे। पुलिस की एक टीम ने गिरोह के सरगना अम्मार अंसारी की तलाश में सीतापुर में डेरा डाल रखा है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस टीम उसके करीबियों और घरवालों के संपर्क में है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि गिरोह के सरगना सीतापुर निवासी अम्मार अंसारी, तबस्सुम, व्यवसायी सौरभ समीर और अन्य की संपत्तियों का ब्योरा पुलिस टीम खंगाल रही है। अपराध के धन से बनी संपत्तियों के बारे में जानकारी की जा रही है। जल्द ही अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की की जाएगी।
