शिक्षामित्रों के मुद्दें पर विधानसभा में सपा विधायक ने सरकार को घेरा, कहा-नियुक्ति निरस्त होने से परिवारों पर आर्थिक संकट

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ, अमृत विचार: विधानसभा में सपा विधायक ओम प्रकाश सिंह ने शिक्षामित्रों की स्थिति को लेकर भावुक और आक्रामक अंदाज में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों को सपा सरकार ने सहायक अध्यापक बनाया, जबकि भाजपा सरकार की ओर से न्यायालय में गलत हलफनामा देने हजारों शिक्षामित्रों की नियुक्तियां एक झटके में निरस्त हो गईं और उनके परिवारों पर भारी आर्थिक संकट आ गया। पिछले 9 साल से शिक्षा मित्रों को सिर्फ 10 हजार रुपये ही मिल रहे हैं।

समाजवादी पार्टी के विधायक ओम प्रकाश सिंह ने शिक्षामित्रों की स्थिति उठाते हुए कहा कि एक ही स्कूल में एक शिक्षक को 70–80 हजार रुपये वेतन मिल रहा है, जबकि शिक्षामित्रों को मात्र 10 हजार रुपये में काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ रहे हैं, कई लोग निराशा में आत्महत्या तक कर चुके हैं, लेकिन सरकार ठोस समाधान नहीं दे पा रही है।

ओम प्रकाश सिंह ने 2018 की नियुक्तियों का भी जिक्र करते हुए कहा कि 68 हजार और 69,500 सहायक अध्यापकों की भर्ती हुई, लेकिन शिक्षामित्रों को उसमें समुचित अवसर नहीं मिला। उन्होंने मांग की कि सरकार शिक्षामित्रों के मानदेय और सेवा शर्तों पर स्पष्ट नीति घोषित करे। इसके लिए बनी कमेटी भी कुछ नहीं कर पाई है।

शिक्षामित्रों के हित में निर्णय लेगी सरकार

बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि शिक्षक दिवस पर मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप शिक्षामित्रों को 5 लाख रुपये की कैशलेस चिकित्सा सुविधा से जोड़ा गया है। साथ ही, उन्हें गृह जनपद के आसपास तैनाती की व्यवस्था भी की गई है। मंत्री ने कहा कि 2012 से 2017 के बीच सपा सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय नहीं बढ़ाया, जबकि वर्तमान सरकार ने 3500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया है। मंत्री के दावे पर फिर खड़े होते हुए ओम प्रकाश सिंह ने सरकार से मानदेय बढ़ाने और स्थायी समाधान की मांग दोहराई।

सरकार अधिग्रहीत करेगी गांधी आश्रम की जमीन

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मेरठ में गांधी आश्रम की जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि जमीन पर लगातार कब्जे की कोशिश की जा रही है, जो कि हमारे पूर्वजों के खून-पसीने की है। इस पर चर्चा की जाए, जिससे कि वस्तुस्थिति सामने आ सके। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि खादी आश्रम की जमीन को सपा सरकार में कुछ लोगों को समझौते के तहत दिया गया था, जिसे अब सरकार ने अपने पक्ष में अधिग्रहीत करने का मन बनाया है। मामले में लीगल राय ली जा रही है। जिन लोगों को जमीन दी गई थी, उन्होंने कॉलेज बनाने की बात की थी, पर नहीं बनाया।

ये भी पढ़ें : 
होली पर 500 अतिरिक्त बसें...परिवहन निगम करेगा विशेष संचालन, 24 घंटे शिफ्ट में तैनात रहेंगे कर्मचारी

संबंधित समाचार